अहमदाबाद।अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने देश की बिजली वितरण व्यवस्था के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विभिन्न डिस्कॉम्स में 1 करोड़ स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक स्थापित कर दिए हैं। इसके साथ ही कंपनी अगले वित्त वर्ष में और 1 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी में है।
भारत की अग्रणी एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस प्रोवाइडर (AMISP) के रूप में AESL को पाँच राज्यों में लगभग 2.5 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का दायित्व मिला है। वर्तमान में कंपनी प्रतिदिन लगभग 25,000 स्मार्ट मीटर स्थापित कर रही है, जो इस क्षेत्र में उद्योग का सबसे तेज इंस्टॉलेशन रेट माना जा रहा है।
यह उपलब्धि कंपनी द्वारा 31 मार्च 2026 तक 1 करोड़ मीटर लगाने के लक्ष्य से काफी पहले हासिल की गई है। यह सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत देशव्यापी स्मार्ट मीटरिंग अभियान को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। AESL का स्मार्ट मीटर नेटवर्क उपभोक्ताओं को रियल-टाइम खपत की जानकारी, बिलिंग में पारदर्शिता और वितरण कंपनियों के संचालन को अधिक सक्षम बनाने में मदद कर रहा है।
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कंदरप पटेल ने कहा,
“1 करोड़ स्मार्ट मीटर स्थापित करना हमारी उत्कृष्ट कार्यक्षमता और वितरण कंपनियों व उपभोक्ताओं के साथ गहरे समन्वय का प्रमाण है। ये स्मार्ट मीटर केवल उपकरण नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने, ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाने, नुकसान कम करने और ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाने के साधन हैं। हम भारत के डिजिटल ऊर्जा परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
कंपनी ने इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए एक समग्र और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया है। पूरी वैल्यू चेन पर नियंत्रण और बेहतर निगरानी के लिए AESL ने समूह की अन्य कंपनियों जैसे Adani Esyasoft Smart Solutions (स्मार्ट मीटरिंग और IoT), AdaniConneX (डेटा होस्टिंग) के साथ साझेदारी की है। साथ ही, समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख मीटर ब्रांड्स से समझौते किए गए हैं। समूह की CSR इकाई के माध्यम से बड़ी संख्या में तकनीशियनों को स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
AESL ने अपनी स्मार्ट मीटरिंग यात्रा वर्ष 2024 में शुरू की थी और मात्र लगभग 24 महीनों में यह उपलब्धि हासिल कर देश में सबसे तेज इंस्टॉलेशन गति का रिकॉर्ड बनाया है।
RDSS के तहत भारत का लक्ष्य पारंपरिक 25 करोड़ मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदलना है, ताकि बिजली वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण किया जा सके। स्मार्ट मीटर बिलिंग की सटीकता, मांग का बेहतर पूर्वानुमान, एटीएंडसी (AT&C) नुकसान में कमी, नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर एकीकरण और ग्रिड संचालन की प्रभावशीलता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

