रणवीर सिंह
नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित Dr. Karni Singh Shooting Range में आयोजित एशियाई राइफल/पिस्टल चैम्पियनशिप 2026 का समापन भारत के शानदार प्रदर्शन के साथ हुआ। मेजबान भारत ने कुल 94 पदक (51 स्वर्ण, 23 रजत और 20 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया और महाद्वीप में अपना दबदबा स्थापित किया।
अंतिम दिन भारतीय निशानेबाजों ने 6 स्वर्ण, 3 रजत और 4 कांस्य पदक जीतकर अपनी बढ़त को और मजबूत किया। प्रतियोगिता के आखिरी दिन 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल जूनियर स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने क्लीन स्वीप किया। साथ ही 50 मीटर राइफल प्रोन सीनियर और जूनियर वर्ग में भी तीन पदक अपने नाम किए। टीम इवेंट्स में चार स्वर्ण पदक जीतकर भारत ने चैम्पियनशिप का समापन स्वर्णिम अंदाज़ में किया।
25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में भारतीय दबदबा
Amanpreet Singh ने प्रिसिजन और रैपिड चरणों में कुल 589-24x अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता। ओलंपियन Gurpreet Singh ने 584-20x अंक के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि Ankur Goel ने 570-11x के साथ कांस्य पदक जीता। इस तिकड़ी ने टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
25 मीटर पिस्टल जूनियर में स्वर्णिम प्रदर्शन
Suraj Sharma ने 585-25x के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। Mukesh Nelavalli ने 582-21x के साथ रजत पदक हासिल किया। डेफलंपिक्स पदक विजेता Abhinav Deshwal ने 573-17x अंक के साथ कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में भी भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया।
50 मीटर राइफल प्रोन में सीनियर वर्ग
ओलंपियन Sift Kaur Samra ने 623.2 अंक के साथ रजत पदक जीता। 2010 विश्व चैम्पियन Tejaswani Sawant ने पांच वर्ष बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर वापसी करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। कजाखस्तान की Yelizaveta Bezrukova ने स्वर्ण पदक जीता। सिफ्ट कौर समरा, तेजस्विनी सावंत और मनीनी कौशिक की तिकड़ी ने टीम स्वर्ण पदक भी जीता।
जूनियर वर्ग में भी सफलता
जूनियर 50 मीटर राइफल प्रोन में Dhavalika Devi Nyamurus ने 614.1 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। कजाखस्तान की Tomiris Amanova और Darya Ponomarenko ने क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते। प्राची गायकवाड़, अनुष्का ठाकुर और धवलिका देवी की टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
चैम्पियनशिप के समापन के साथ भारत ने न केवल पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया, बल्कि एशियाई निशानेबाजी में अपनी श्रेष्ठता का स्पष्ट संदेश भी दिया। यह प्रदर्शन आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय निशानेबाजों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देगा।

