भारतीय प्रतिभाओं के लिए यूरोप बन रहा है प्रमुख शिक्षा केंद्र, अपग्रैड ने जर्मनी पर फोकस बढ़ाते हुए WHU और IIM उदयपुर से की साझेदारी

नई दिल्ली। एशिया की अग्रणी उच्च शिक्षा और कौशल विकास कंपनी upGrad ने Indian Institute of Management Udaipur और जर्मनी के प्रतिष्ठित WHU – Otto Beisheim School of Management के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य भारत के मेधावी छात्रों और स्थापित पेशेवरों को दुनिया के दो प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करना है।

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब India और Germany के बीच द्विपक्षीय सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और उच्च शिक्षा इस सहयोग का एक अहम आधार बनती जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को आईआईएम उदयपुर द्वारा प्रदान किया जाने वाला व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। आईआईएम उदयपुर भारत का एक अग्रणी शोध-आधारित संस्थान और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सार्वजनिक प्रबंधन विद्यालय है।

इस प्रमाणपत्र के बाद विद्यार्थियों को जर्मनी स्थित WHU में प्रबंधन में स्नातकोत्तर (Master in Management) और व्यवसाय विश्लेषण (Business Analytics) में स्नातकोत्तर उपाधि के लिए आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। यह पहल भारत में संरचित और अकादमिक रूप से विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय शिक्षा अवसरों की बढ़ती मांग को भी पूरा करती है।

इस पहल के शैक्षणिक उद्देश्य पर बोलते हुए आईआईएम उदयपुर के कार्यक्रम निदेशक प्रो. देबांजन मित्रा ने कहा कि यह पहल संस्थान की उस निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रबंधन शिक्षा तक पहुंच का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह विद्यार्थियों को मजबूत वैचारिक आधार, विश्लेषणात्मक क्षमता और व्यावहारिक सीख प्रदान करे, जो वैश्विक करियर की आवश्यकताओं के अनुरूप हो।

वहीं WHU के कार्यक्रमों के सहायक अधिष्ठाता डॉ. स्टेफन लोएव ने कहा कि यह पहल भारत के उच्च प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को WHU के कार्यक्रमों तक पहुंचने के लिए एक संरचित और अकादमिक रूप से मजबूत सेतु प्रदान करती है। इससे विद्यार्थियों को वह विश्लेषणात्मक, प्रबंधकीय और व्यावहारिक आधार मिलेगा जिसकी अपेक्षा यूरोप के अग्रणी नियोक्ता और वैश्विक संगठन करते हैं।

अपग्रैड के आंतरिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जर्मनी के नेतृत्व में Europe भारतीय विद्यार्थियों के लिए दूसरा सबसे बड़ा वैश्विक शिक्षा गंतव्य बनकर उभरा है। यह रुझान केवल संख्या में वृद्धि से नहीं, बल्कि ऐसे कार्यक्रमों की मांग से प्रेरित है जो कौशल-आधारित, अकादमिक रूप से मजबूत और वैश्विक करियर के अवसर प्रदान करते हैं।

इस पर टिप्पणी करते हुए अपग्रैड के स्टडी-अब्रॉड विभाग में विश्वविद्यालय साझेदारी के सहायक उपाध्यक्ष प्रनीत सिंह ने कहा कि जर्मनी और व्यापक रूप से यूरोप के लिए भारतीय विद्यार्थियों की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच उच्च शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में संबंध गहरे हो रहे हैं और ऐसे में अपग्रैड जैसे मंच विश्वसनीय तथा परिणाम-आधारित शैक्षणिक मार्ग तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों में यूरोप के लिए अधिक संरचित और भरोसेमंद शैक्षणिक मार्गों की मांग बढ़ी है, जहां विद्यार्थी बिखरे हुए विकल्पों की बजाय स्पष्ट शैक्षणिक प्रगति और विश्वसनीयता को प्राथमिकता दे रहे हैं।

यह सहयोग दो वैश्विक प्रतिष्ठा वाले संस्थानों को एक साथ लाता है। आईआईएम उदयपुर अपनी शोध-आधारित शैक्षणिक संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय मान्यताओं के लिए भारत के अग्रणी प्रबंधन संस्थानों में गिना जाता है, जबकि WHU ओट्टो बाइसहाइम स्कूल ऑफ मैनेजमेंट अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध क्षमता और यूरोप तथा वैश्विक बाजारों में मजबूत प्रतिष्ठा के लिए जाना जाता है।

इस कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रारंभिक करियर के पेशेवरों (0–3 वर्ष अनुभव) और उन उम्मीदवारों के लिए खुले हैं, जो 1–3 वर्षों के कार्य अनुभव के बाद विदेश में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने की योजना बना रहे हैं।

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