काठमांडू। नेपाल की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत करते हुए रैपर से राजनेता बने Balendra Shah, जिन्हें ‘बालेन’ के नाम से जाना जाता है, ने शुक्रवार को देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 35 वर्षीय शाह ने 12:34 बजे के शुभ मुहूर्त में शपथ ग्रहण कर ‘बालेन युग’ की औपचारिक शुरुआत की।
यह ऐतिहासिक क्षण उस समय आया जब गुरुवार को उन्हें राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के संसदीय दल का नेता चुना गया। आरएसपी के केंद्रीय संगठन समिति के सचिव Shankar Shrestha ने जानकारी दी कि संसदीय दल की बैठक में सर्वसम्मति से बालेन को नेता चुना गया, जिससे वे देश के सर्वोच्च कार्यकारी पद के लिए पात्र हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी की केंद्रीय समिति ने शाह को नया मंत्रिमंडल गठित करने का अधिकार दे दिया है, जिसकी घोषणा जल्द होने की संभावना है।
इस महीने की शुरुआत में हुए संसदीय चुनावों में शाह के नेतृत्व में आरएसपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। पार्टी ने प्रतिनिधि सभा की 275 सीटों में से 182 सीटें जीतकर पारंपरिक राजनीतिक दलों को करारा झटका दिया। यह चुनाव पिछले वर्ष हुए जनवादी (जेनरेशन जेड) आंदोलन के बाद आयोजित हुआ, जिसमें युवाओं ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन और राजनीतिक बदलाव की जोरदार मांग उठाई थी।
प्रतिनिधि सभा के 275 सदस्यों में से 165 प्रत्यक्ष मतदान और 110 आनुपातिक प्रणाली से चुने गए हैं। चुनाव में बालेन ने झापा-5 सीट से चार बार के प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli को भारी मतों से पराजित कर अपनी लोकप्रियता का लोहा मनवाया।
नवनिर्वाचित सांसदों ने संघीय संसद भवन में शपथ ग्रहण किया, जिसके साथ ही मतदान के तीन सप्ताह बाद सरकार गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई। सदन के वरिष्ठतम सदस्य Arjun Narsingh KC ने सिंह दरबार स्थित संघीय संसद सचिवालय में सांसदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद Balendra Shah ने शीतल निवास (राष्ट्रपति भवन) में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वे 15 से 18 सदस्यों वाली कैबिनेट का गठन कर सकते हैं।
आरएसपी के उदय और उसकी प्रचंड जीत ने नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। जहां पारंपरिक दलों का प्रभाव घटा है, वहीं नेपाली कांग्रेस को केवल 38 सीटें मिलीं, जबकि सीपीएन-यूएमएल को 25 और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी को मात्र 17 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
नेपाल में ‘बालेन युग’ की शुरुआत को राजनीतिक परिवर्तन, युवा नेतृत्व और नई सोच के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

