नोएडा: जब इरादों में उड़ान हो, तो शारीरिक चुनौतियां मात्र एक शब्द बनकर रह जाती हैं। कुछ ऐसा ही नजारा माता भगवंती चड्ढा निकेतन (एमबीसीएन) के प्रांगण में देखने को मिला, जहाँ संस्थान ने अपना 27वां वार्षिक दिवस अत्यंत उत्साह के साथ मनाया। इस वर्ष की थीम ‘बंधन’ ने न केवल बच्चों की शैक्षणिक प्रगति को दर्शाया, बल्कि उनके आत्मविश्वास और समाज में अपनी पहचान बनाने के संघर्ष को भी सम्मानित किया।
पोंटी चड्ढा फाउंडेशन (पीसीएफ) के अंतर्गत संचालित माता भगवंती चड्ढा निकेतन (एमबीसीएन) के इस उत्सव में की शुरुआत एक भावनात्मक और ऊर्जा से भरपूर स्वागत नृत्य के साथ हुई। छात्रों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे नाटक, मूक अभिनय (माइम) और लोक नृत्यों के माध्यम से यह संदेश दिया कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। समारोह के दौरान विकलांगता से जूझ रहे बच्चों के संपूर्ण विकास में पारिवारिक सहयोग की अहम भूमिका पर बल दिया गया।
इस अवसर पर वेव ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री राजीव गुप्ता ने कहा कि हमारा मिशन हमेशा से देखभाल और शिक्षा पर आधारित रहा है। आज हम अपनी इस प्रतिबद्धता का विस्तार अपने स्कूल की दीवारों के परे भी कर रहे हैं। न केवल ज्ञान देकर बल्कि वास्तविक दुनिया हेतु रोजगार के रास्ते बनाकर हमारा मकसद दिव्यांग जनों के लिए फासले को कम करना और अर्थपूर्ण अवसरों के द्वार खोलना है। आज जिन पहलों की घोषणा की गई है वे हमारे विजन को ठोस परिणामें में बदलने के लिए तैयार की गई हैं, जिससे हमारे विद्यार्थी पढ़ाई से आगे की दुनिया में कामयाब हो सकें।
श्री राजीव गुप्ता ने बताया कि एमबीसीएन (MBCN) ने ‘रूटा’ (RUTA) एआई कंसल्टेंट के नेतृत्व में एक डिजिटल रूपांतरण शुरू किया है, जो दुनिया का पहला एआई-पावर्ड ईकोसिस्टम बनने की ओर अग्रसर है। यह प्रणाली स्टूडेंट रिकॉर्ड्स और थेरेपी इनपुट्स को स्ट्रक्चर्ड इंटेलिजेंस में बदलकर, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए एक सपोर्ट फ्रेमवर्क के रूप में काम करेगी। यह तकनीक मानवीय देखभाल की जगह नहीं, बल्कि सहानुभूतिशील शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए डिजाइन की गई है।
एमबीसीएन स्कूल की निदेशक और प्रिंसिपल डॉ वंदना शर्मा ने कहा कि एमबीसीएन में, हमारा मिशन हमेशा से एक ऐसा परिवेश निर्मित करने का रहा है जहां हर बच्चे को प्यार और सहयोग मिले। विशेषीकृत शिक्षा के जरिए हम अपने विद्यार्थियों को वे कौशल और आत्मविश्वास देने की कोशिश करते हैं जिनकी उन्हें दुनिया में आगे बढ़ने और सफल होने के लिए ज़रूरत होती है। हम संगठनों, गैर सरकारी संगठनों और स्वयंसेवकों के साथ काम करते हुए ऐसे रास्ते बनाना जारी रखेंगे जिन पर चलकर दिव्यांग बच्चे रोजगार प्राप्त कर सकें।
एमबीसीएन 1999 में अपनी शुरुआत से ही विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समग्र आधार देने वाला एक शिक्षण केन्द्र है। यह स्कूल मानसिक स्वास्थ्य, कौशल विकास और बिहेवियर मैनेजमेंट के लिए रिहैबिलिटेशन सर्विस और सपोर्ट देता है। रिहैबिलिटेशन सर्विस में अर्ली इंटरवेंशन, स्पीच थेरेपी, स्पेशल एजुकेशन, स्पोर्ट्स ट्रेनिंग, फिजियोथेरेपी, योग थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, काउंसलिंग और वोकेशनल ट्रेनिंग शामिल हैं। बीते वर्षों में इस संस्थान ने हज़ारों बच्चों के साथ काम किया है, उनकी आत्मविश्वास वृद्धि, आवश्यक जीवन कौशल विकास और ज्यादा स्वावलंबी एवं अर्थपूर्ण जीवन जीने में मदद की है।

