जयपुर। देश में तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर, लगातार विस्तार करते एविएशन और रेल नेटवर्क तथा बढ़ती पर्यटन मांग के बल पर केंद्र सरकार को भरोसा है कि आने वाले 10 वर्षों में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में पर्यटन क्षेत्र का योगदान मौजूदा 5.22 प्रतिशत से बढ़कर 10 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। यह बात भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अपर सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला ने ‘द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार’ (GITB) के 15वें संस्करण के उद्घाटन सत्र में कही।
इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने राजस्थान सरकार और फिक्की के सहयोग से किया।
सुमन बिल्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कुछ महीने पहले भारत के पर्यटन क्षेत्र के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय किया है कि अगले एक दशक में इस सेक्टर का जीडीपी में योगदान दोगुना होना चाहिए। उन्होंने कहा, “यही हमारा लक्ष्य है और इसे हासिल करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।”
उन्होंने देश में तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचे को इस लक्ष्य की प्राप्ति का प्रमुख आधार बताया। बिल्ला ने कहा कि 2014 से अब तक देश में एयरपोर्ट्स की संख्या 75 से बढ़कर 150 हो गई है, जबकि रेल नेटवर्क में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनें तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का नया विकल्प बनकर पर्यटन को नई गति दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि देश की विमानन क्षमता भी तेजी से बढ़ रही है और 2030 तक विमानों की संख्या मौजूदा करीब 800 से बढ़कर 1600 तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही सड़क नेटवर्क का विस्तार भी पर्यटन क्षेत्र को मजबूती प्रदान कर रहा है।
पर्यटन क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सुमन बिल्ला ने कहा कि 2011 में जहां घरेलू पर्यटकों की संख्या 1.5 अरब थी, वहीं 2025 तक यह आंकड़ा 4 अरब को पार कर चुका है। इसी तरह विदेशी पर्यटकों की संख्या 2014 के करीब 1 करोड़ से बढ़कर अब 2 करोड़ हो गई है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन से भारत को वर्तमान में 32 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा आय हो रही है, जो इस क्षेत्र की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक विरासत और भौगोलिक विस्तार को देखते हुए अभी भी देश अपनी पर्यटन क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं कर पा रहा है।
सुमन बिल्ला ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों से होटल क्षमता को दोगुना करने और विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के विकास का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल भारतीय पर्यटक देश के भीतर ही अधिक यात्रा करेंगे, बल्कि दुनिया भर से उच्च खर्च करने वाले और जागरूक पर्यटकों को भी भारत आकर्षित कर सकेगा।

