नई दिल्ली। ऑल इंडिया CGHS एम्प्लोयीज एसोसिएशन (AICGHSEA) ने कर्मचारियों की लंबित मांगों और कथित प्रशासनिक उदासीनता को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (CGHS) प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो देशभर में आंदोलन छेड़ा जाएगा।
AICGHSEA के राष्ट्रीय महासचिव शशिकान्त शर्मा ने बुधवार को जारी एक कड़े बयान में कहा कि संघ की ओर से कई बार निदेशक, CGHS से मुलाकात और लिखित प्रतिवेदन देने के बावजूद कर्मचारियों और संगठन से जुड़े वैध मुद्दों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार से मान्यता प्राप्त इस कर्मचारी संगठन द्वारा उठाए गए जायज मुद्दों के प्रति निदेशक, CGHS का उदासीन रवैया बेहद चिंताजनक है। शर्मा के अनुसार, इससे विभिन्न शहरों में तैनात अपर निदेशकों को मनमानी करने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मेरठ और शिलोंग में तैनात अपर निदेशक संघ के शाखा नेतृत्व को सीधे निशाना बना रहे हैं और RSA Rules 1993 के प्रावधानों का जानबूझकर उल्लंघन कर रहे हैं।
शर्मा ने कहा कि AICGHSEA के संवैधानिक रूप से निर्वाचित प्रतिनिधियों को उनकी संबंधित शाखाओं से दूर रखने की कोशिश की जा रही है, जो स्पष्ट रूप से एंटी-यूनियन मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने इस पूरे मामले में निदेशक, CGHS की भूमिका को “मूक दर्शक” करार दिया।
लंबित मुद्दों पर जताई नाराजगी
संघ ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े कई अहम मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। इनमें—
क्लेरिकल, MA, LMA और MTS सहित विभिन्न कैडरों की कैडर रीस्ट्रक्चरिंग
ECG तकनीशियनों की पे-एनोमली
ADM और DM पदों पर भर्ती
जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
संघ का कहना है कि चार्टर ऑफ डिमांड पर हुई आधिकारिक बैठकों में जिन मुद्दों को मौखिक रूप से स्वीकार किया जाता है, उन्हें बाद में मिनट्स ऑफ मीटिंग में नकार दिया जाता है, जिससे कर्मचारियों और प्रशासन के बीच अविश्वास बढ़ रहा है।
भ्रष्टाचार और आदेशों की अवहेलना का आरोप
AICGHSEA ने आशंका जताई कि कुछ मामलों में स्थानांतरण और अन्य प्रशासनिक निर्णयों के पीछे भ्रष्टाचार की भूमिका हो सकती है।
संघ ने विशेष रूप से अपर निदेशक, मेरठ पर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के आदेशों की कथित अवहेलना का आरोप लगाया है और इसे गंभीर मामला बताया है।
संघ की प्रमुख मांगें
AICGHSEA ने निदेशक, CGHS से मांग की है कि—
अपर निदेशक, मेरठ को तत्काल पद से हटाया जाए।
यदि अपर निदेशक, शिलोंग द्वारा शाखा महासचिव का RSA Rules 1993 के तहत तत्काल स्थानांतरण नहीं किया जाता, तो उन्हें भी हटाया जाए।
देशभर की सभी 24 शाखाओं के अपर निदेशकों को स्पष्ट एडवाइजरी जारी की जाए।
शाखा पदाधिकारियों के साथ नियमित बैठकें सुनिश्चित की जाएं और समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
शशिकान्त शर्मा ने कहा कि यदि शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए देशव्यापी आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और अन्य कड़े कदम उठाने को मजबूर होगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

