पीवीआर नेस्ट ने ‘प्रोजेक्ट एकलव्य’ के जरिये शुरू किया समाज में सब के समावेश का अभियान

नई दिल्ली। पीवीआर नेस्ट ने इंडस एक्शन के सहयोग से अपने पहले अभिनव प्रयास ‘प्रोजेक्ट एकलव्य’ का पहला चरण आरंभ करने की घोषणा की। शुभारंभ के बाद मुख्यतः बाल विकास एवं विकास के अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभिन्न कार्य क्षेत्रों से आए जाने-माने लोगों के एक पैनल ने समाज में ‘सब के समावेश’ के लिए सरकारी-निजी साझेदारी के महत्व’ पर विमर्श किया। आयोजन को अधिक महत्वपूर्ण बनाते हुए ब्राइट स्पाॅट रिपोर्ट जारी की गई। इसमें आरटीई 12 (1)(सी) के माध्यम से समाज में सब के समावेश की वर्तमान स्थिति सामने रखी गई है।
उद्घाटन समारोह के अवसर पर मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डाॅ. सत्यपाल सिंह और बतौर विशिष्ट अतिथि जुनून थिएटर ग्रुप की सह-संस्थापिका संजना कपूर ने ब्राइट स्पाॅट रिपोर्ट पर अपनी बात रखते हुए भारत के सभी बच्चों के लिए बतौर मौलिक अधिकार गुणवत्तापूर्ण एवं अनिवार्य शिक्षा का महत्व बताया। विशिष्ट गोष्ठी का संचालन इंडस एक्शन के सह-संस्थापक तरुण चेरुकुकरी ने किया। इसमें कई सरकारी वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद्, मीडिया विशेषज्ञ शामिल हुए। कुछ खास उल्लेखनीय नाम हैं प्रो. अंकुर सरीन, आईआईएम अहमदाबाद, सुश्री निरूपमा सेखरी, लेखिका, न्यूज़लांड्री, श्री सौरभ भारद्वाज, दिल्ली के विधायक, श्री अनुराग कुंडु, सदस्य, दिल्ली बाल अधिकार सुरक्षा आयोग-डीसीपीसीआर और श्री अशोक पांडे, प्रिंसिपल, अलकोन इंटरनेशल स्कूल।
इस अवसर पर जुनून थिएटर ग्रुप की सह-संस्थापिका संजना कपूर ने कहा कि इस समारोह का हिस्सा बन कर मैं बेहद खुश हूं। मेरा मानना है कि खेल, थिएटर, मनोरंजन सब बच्चों को बराबरी का दर्जा दिलाने में अहम् भूमिका निभाते हैं। वंचित वर्ग के बच्चों को सही मायनों में उनकी आजादी मिले इसके लिए ऐसे अवसर देने होंगे जो बच्चों में इसके लिए आत्मविश्वास भर देंगे। व्यक्तिगत तौर पर मैं ‘जुनून’ के साथ देश के कोने-कोने तक थिएटर ले जाना चाहती हूं। हमारा लक्ष्य हर तबके के बच्चों और परिवारों को समाज की मुख्यधारा का हिस्सा बनाना है। सब को बराबर और समाज के लिए सहज स्वीकार्य बनाना है।
इंडस एक्शन के सह-संस्थापक तरुण चेरुकुकरी ने कहा कि शिक्षा सामाजिक-आर्थिक विकास का आधार है। आज यह जरूरी है कि हम एकजुट हो जाएं और मिल कर समाज में सब के समावेश के लिए काम करें। प्रोजेक्ट एकलव्य जैसे प्रयासों से हमें उम्मीद है कि सरकार की नीतियांे का लाभ समाज के उन तबकों तक पहंुचेगा जो अब तक इनसे वंचित रहे हैं। इस अवसर पर मौजूद होना बहुत अच्छा अनुभव है। शिक्षा के अवसर में बराबरी और समाज में सब के समावेश से सामुदायिक विकास के जीवन दर्शन पर जोर दिया गया है।

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