नई दिल्ली। उत्तर-पूर्व दिल्ली के सीलमपुर इलाके में सुबह एक ग्राउंड-प्लस-3 (तीन मंजिला) इमारत ढह गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों और दमकल विभाग की मदद से तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
7 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, कई अब भी फंसे
अतिरिक्त डीसीपी (उत्तर-पूर्व) संदीप लांबा ने जानकारी दी कि सुबह करीब 7:15 बजे हमें सूचना मिली थी कि एक पुरानी इमारत गिर गई है। अब तक 7 लोगों को बचा लिया गया है। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है और 3 से 4 लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए। उन्होंने यह भी बताया कि इमारत करीब 10-15 साल पुरानी थी।
NDRF की टीम मौके पर, पतली गली बनी चुनौती
घटनास्थल पर पहुंचे दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, “यह एक बहुत ही दुखद और चिंताजनक घटना है। यहां NDRF की टीम भी मौजूद है लेकिन गली इतनी पतली है कि मशीनों से राहत कार्य करना लगभग असंभव है। हमें हाथों से मलबा हटाना पड़ रहा है। सभी एजेंसियां मिलकर प्रयास कर रही हैं कि मलबे में जो लोग फंसे हैं, उन्हें सकुशल बाहर निकाला जाए।” उन्होंने आगे कहा कि अब तक 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, और बाकी के लिए रेस्क्यू अभियान तेज़ी से चल रहा है।
अस्पताल में भर्ती, घायलों की हालत स्थिर
अब तक 3-4 घायलों को अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। पुलिस, दमकल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि इमारत जर्जर हालत में थी, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। हादसे ने एक बार फिर दिल्ली की पुरानी और कमजोर इमारतों की हालत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में 112 नंबर पर कॉल करें।

