अडानी एंटरप्राइजेज ने ₹1,000 करोड़ का तीसरा एनसीडी सार्वजनिक इश्यू किया लॉन्च, सालाना 8.90% तक रिटर्न का ऑफर

अहमदाबाद। अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने अपनी तीसरी सार्वजनिक निर्गम (पब्लिक इश्यू) के तहत सुरक्षित, रेटेड, सूचीबद्ध और रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की घोषणा की है। वर्ष 1993 से सतत अवसंरचना व्यवसायों के निर्माण का लंबा रिकॉर्ड रखने वाली AEL, बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी सूचीबद्ध बिज़नेस इनक्यूबेटर कंपनियों में से एक है।
इस अवसर पर अडानी ग्रुप के ग्रुप सीएफओ जुगेशिंदर ‘रॉबी’ सिंह ने कहा,
“यह तीसरा एनसीडी इश्यू भारत के पूंजी बाजारों तक पहुंच को और व्यापक बनाने तथा खुदरा निवेशकों को दीर्घकालिक अवसंरचना विकास में भागीदार बनाने की हमारी यात्रा का अगला कदम है। हमारे पिछले इश्यू को मिली मजबूत प्रतिक्रिया हमारी रणनीति और वित्तीय अनुशासन पर निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है, और हम इसी गति को आगे बढ़ाना चाहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि “एयरपोर्ट, सड़कें, डेटा सेंटर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भारत की अगली पीढ़ी की अवसंरचना परियोजनाओं के इनक्यूबेटर के रूप में AEL देश के आर्थिक परिवर्तन को गति देने वाले व्यवसायों के निर्माण पर केंद्रित है।”
उल्लेखनीय है कि जुलाई 2025 में लॉन्च किया गया AEL का दूसरा ₹1,000 करोड़ का एनसीडी इश्यू पहले ही दिन मात्र 3 घंटे में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। NBFCs के बाहर AEL एकमात्र निजी कॉर्पोरेट है जो खुदरा निवेशकों के लिए सूचीबद्ध ऋण उत्पाद पेश कर रही है। हालिया ब्याज दर कटौती और नरम होती ब्याज दर चक्र के बीच यह इश्यू स्थिर और निश्चित आय के विकल्प तलाश रहे निवेशकों के लिए उपयुक्त समय पर आया है। प्रतिस्पर्धी यील्ड के साथ यह इश्यू निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रस्तुत करता है।
प्रस्तावित एनसीडी को CARE Ratings Limited द्वारा “Care AA-; Stable” और ICRA Limited द्वारा “[ICRA]AA- (Stable)” रेटिंग दी गई है। इस श्रेणी की प्रतिभूतियों को वित्तीय दायित्वों के समय पर निर्वहन के लिए उच्च स्तर की सुरक्षा वाली और बहुत कम क्रेडिट जोखिम वाली माना जाता है।
इस इश्यू का बेस साइज ₹500 करोड़ है, जिसमें ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त ₹500 करोड़ तक रखने का प्रावधान है। इस प्रकार कुल इश्यू साइज ₹1,000 करोड़ तक हो सकता है। इश्यू 6 जनवरी 2026 को खुलेगा और 19 जनवरी 2026 को बंद होगा, हालांकि इसे पहले बंद या आगे बढ़ाने का विकल्प कंपनी के पास रहेगा।
एनसीडी का फेस वैल्यू ₹1,000 प्रति डिबेंचर होगा। न्यूनतम आवेदन 10 एनसीडी (₹10,000) का होगा और इसके बाद 1 एनसीडी के गुणकों में आवेदन किया जा सकेगा।
इश्यू से प्राप्त कम से कम 75% राशि का उपयोग कंपनी के ऋणों के पूर्ण या आंशिक पूर्व भुगतान/चुकौती अथवा उस पर देय ब्याज के भुगतान में किया जाएगा, जबकि शेष 25% तक राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए प्रयुक्त होगी।
पिछले छह महीनों में AEL ने बड़े पैमाने की परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन में अपनी मजबूत क्षमता भी साबित की है।

नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का 8 अक्टूबर 2025 को उद्घाटन हुआ और 25 दिसंबर 2025 से परिचालन शुरू हो गया।

अक्टूबर 2025 में गूगल और अडानीकॉनेक्स ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में भारत के सबसे बड़े एआई डेटा सेंटर कैंपस और ग्रीन एनर्जी अवसंरचना विकसित करने की साझेदारी की घोषणा की।

नानासा–पिडगांव HAM रोड प्रोजेक्ट सितंबर 2025 में चालू हुआ, जिससे यह सातवां परिचालन सड़क प्रोजेक्ट बन गया।

इसके अलावा, उत्तराखंड में सोनप्रयाग–केदारनाथ रोपवे परियोजना और बिहार में मुंगेर (सफियाबाद)–सुल्तानगंज रोड तथा सुल्तानगंज रोड–सबौर रोड (हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत) सहित तीन नई परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवार्ड भी प्राप्त हुए हैं।

कुल मिलाकर, अडानी एंटरप्राइजेज का यह तीसरा एनसीडी इश्यू खुदरा और गैर-संस्थागत निवेशकों को भारत की दीर्घकालिक अवसंरचना विकास कहानी से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

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