भोपाल। एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की पोर्टफोलियो प्रबंधन मिशन टीम ने 21 एवं 22 जुलाई को मध्यप्रदेश का दौरा किया। इस दौरान टीम ने राज्य में संचालित विभिन्न एडीबी सहायता प्राप्त परियोजनाओं की गहन समीक्षा की और राजधानी भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (SSRGSP) का भ्रमण कर संस्थान की आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था, आधारभूत संरचना और नवाचार आधारित कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
SSRGSP परिसर में मिशन टीम ने प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया और प्रशिक्षुओं से सीधा संवाद स्थापित किया। छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए, वहीं एडीबी प्रतिनिधियों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
टीम के सदस्यों ने संस्थान की कार्यप्रणाली और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे कौशल विकास के क्षेत्र में अनुकरणीय बताया।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल ने एडीबी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने SSRGSP की सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यहां से प्रशिक्षित युवाओं को न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। यह संस्थान की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
SSRGSP के सीईओ श्री गिरीश शर्मा ने एडीबी टीम को संस्थान की उपलब्धियों, उद्योग साझेदारी मॉडल, नवाचार आधारित प्रशिक्षण प्रणाली और उच्च प्लेसमेंट दर के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि SSRGSP कौशल आधारित शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मॉडल बन चुका है, जो प्रदेश के युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ रहा है।
भोपाल में आयोजित एडीबी की दो दिवसीय समीक्षा बैठक राज्य सरकार के निर्देशानुसार सम्पन्न हुई। यह बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उनके दूरदर्शी मार्गदर्शन और स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप आयोजित की गई। बैठक में एडीबी सहायता प्राप्त परियोजनाओं की प्रगति, क्रियान्वयन की गुणवत्ता, जोखिम मूल्यांकन और प्रबंधन रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
समीक्षा बैठक में मध्यप्रदेश कौशल विकास परियोजना (MP-SDP), सिंचाई दक्षता सुधार परियोजना, शहरी सेवा सुधार परियोजना, सड़क नेटवर्क की कनेक्टिविटी एवं लचीलापन परियोजना, तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी आधारित सड़क विकास परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। संबंधित विभागों और परियोजना इकाइयों के प्रतिनिधियों ने परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों, सामने आ रही चुनौतियों और जमीनी अनुभवों को साझा किया।
राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि एडीबी का तकनीकी सहयोग और विशेषज्ञता राज्य के लिए बहुमूल्य है, और अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे एडीबी द्वारा प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
एडीबी मिशन यात्रा का प्रमुख उद्देश्य राज्य में संचालित परियोजनाओं में उत्पन्न हो रहे जोखिमों की पहचान करना, उनके समाधान के लिए अपनाए गए उपायों का मूल्यांकन करना और प्राप्त अनुभवों के आधार पर ‘प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन हैंडबुक’ (PIH) का प्रारूप तैयार करना है। यह हैंडबुक परियोजनाओं की योजना, निष्पादन, निगरानी और समापन की समग्र प्रक्रिया में एक व्यवहारिक मार्गदर्शिका सिद्ध होगी, जिसमें विशेष बल जोखिम प्रबंधन और पारदर्शिता पर होगा।
ADB मिशन की यह यात्रा न केवल SSRGSP जैसी संस्थाओं की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर प्रमाणित करती है, बल्कि मध्यप्रदेश की विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है।
इस उच्चस्तरीय मिशन में मनीला (फिलीपींस) स्थित एडीबी मुख्यालय और भारत कार्यालय से वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल में प्रधान पोर्टफोलियो प्रबंधन विशेषज्ञ श्री युजी ओनो, वरिष्ठ पोर्टफोलियो प्रबंधन अधिकारी सुश्री पामेला बारामेडा, सलाहकार श्री हंस कार्लसन तथा संचालन अधिकारी एवं मिशन समन्वयक श्री अखिलेश साम्याल शामिल रहे। मिशन के प्रतिनिधियों ने दो दिनों तक विभिन्न परियोजना स्थलों का दौरा किया और परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों के प्रतिनिधियों से संवाद किया।

