इंजीनियरों में मैनेजमेंट और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए टाटा पावर-डीडीएल और बीएसपीएचसीएल में समझौता

नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली में करीब 90 लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करने वाली अग्रणी कंपनी टाटा पावर-डीडीएल और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) ने इंजीनियरों को मैनेजमेंट भूमिकाओं में प्रशिक्षित करने और रिसर्च को प्रोत्साहित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह समझौता अगले 5 वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसके तहत दोनों संगठन बिजनेस और संगठनात्मक विकास, लीडरशिप, स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट, इनोवेशन और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रशिक्षण और शोध कार्यक्रम चलाएंगे। साथ ही, पावर डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट, नई तकनीकों, सुरक्षा मानकों और उपभोक्ता सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

समझौते पर टाटा पावर-डीडीएल की ओर से प्रवीण अग्रवाल, चीफ – ह्यूमन रिसोर्सेज़, इंडस्ट्रियल रिलेशंस, फैसिलिटी मैनेजमेंट एंड हेल्थ सर्विसेज़ और बीएसपीएचसीएल की ओर से राम अनुग्रह नारायण सिंह, जीएम–एचआर एंड एडमिन ने हस्ताक्षर किए। श्री अग्रवाल ने कहा, “यह साझेदारी पावर सेक्टर के भविष्य के नेताओं को तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम है। हम इंजीनियरों को प्रबंधन और नेतृत्व कौशल से सशक्त कर, ऊर्जा क्षेत्र में इनोवेशन और सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा देना चाहते हैं।” वहीं, राम अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा, “बिहार औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। टाटा पावर-डीडीएल के साथ यह सहयोग राज्य के पावर सेक्टर के आधुनिकीकरण में मील का पत्थर साबित होगा।”

दोनों संगठन भविष्य में परस्पर हित के क्षेत्रों में संयुक्त रिसर्च, केस स्टडी विकास और कस्टमाइज्ड लर्निंग प्रोग्राम्स पर भी मिलकर काम करेंगे। यह पहल भारत के ऊर्जा क्षेत्र में मानव संसाधन विकास और तकनीकी नवाचार को नई दिशा देगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.