AI – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की असीमित संभावनाएं: एडीजीपी मनीष शंकर शर्मा

नई दिल्ली। भारत की प्रमुख सुरक्षा नेतृत्व समिट ‘सिक्योरिटी लीडरशिप समिट’ में विशेष सत्र की अध्यक्षता करते हुए मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित श्री मनीष शंकर शर्मा ने कहा कि वर्तमान तकनीकी प्रगति ने एक अनूठी स्थिति पैदा कर दी है। यह स्थिति देश की सुरक्षा, व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और GPT की असीम संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा, “अब आवश्यकता है कि इन तकनीकों को उपयोग के सटीक मामलों में परिवर्तित कर उपयोगकर्ताओं तक पहुँचाया जाए।”

इस सम्मेलन का आयोजन प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से “विकसित भारत 2047 के लिए सुरक्षित भारत” के महत्व को रेखांकित करने के लिए किया गया था। सम्मेलन के सभी सत्र और वक्तव्य इसी उद्देश्य पर केंद्रित रहे।

श्री शर्मा की विशेषज्ञता:
श्री शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय मामलों, सुरक्षा और सार्वजनिक नीति निर्माण में कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय से दक्षता प्राप्त करने के बाद पिछले कुछ वर्षों में AI और जेनरेटिव AI पर गहन शोध और कार्य किया है।

सम्मेलन में उपस्थिति:
इस शीर्ष सम्मेलन में भारत के साइबर सुरक्षा प्रमुख एनसीएससी जनरल नायर, केंद्रीय मंत्री, पूर्व थलसेना अध्यक्ष, पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर, वरिष्ठ अधिकारी, अधिवक्ता, नीति आयोग के सदस्य और विषय विशेषज्ञ जैसे जनरल शिवाने, पूर्व एसीएस भगवान शंकर, मेजर साधना सिंह, अनिल पुरी, श्रीनि महाकाली, प्रोफेसर रुपाली त्रिपाठी, बिमल पुरी और ललित कालरा ने भाग लिया।

भारत की सुरक्षा और विकास की अहमियत:
सम्मेलन में यह स्पष्ट किया गया कि सुरक्षा भारत की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। एक सुरक्षित, सुदृढ़ और सक्षम भारत के बिना देश का विकास ना केवल धीमा होगा, बल्कि अनेक चुनौतियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

आधिकारिक जानकारी:
दो दिवसीय इस सम्मेलन में देशभर से सुरक्षा विशेषज्ञों के अलावा सुरक्षा और उद्योग जगत से जुड़ी 800 कंपनियों के मालिकों और शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया। आयोजन का नेतृत्व सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री द्वारा किया गया, जो देश के 80 लाख निजी सुरक्षा कर्मियों का प्रतिनिधित्व करता है।

नवाचार:
सम्मेलन के दौरान, संगठन ने भारत के हर नागरिक में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘नेशनल सिटीजन सिक्योरिटी कल्चर’ की शुरुआत करने का भी निर्णय लिया।

यह सम्मेलन न केवल तकनीकी और सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण था, बल्कि AI जैसी तकनीकों के असीम उपयोग को लेकर भी प्रेरणादायक रहा।

 

 

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