APUFEST 2026 में CM पेमा खांडू का आश्वासन: अरुणाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

पासिघाट (अरुणाचल प्रदेश): मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, जो राज्य का पहला सरकारी विश्वविद्यालय है, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे के विस्तार, शैक्षणिक विकास और संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर सहयोग का भरोसा दिया।

गुरुवार दोपहर पासिघाट में अरुणाचल प्रदेश विश्वविद्यालय महोत्सव (APUFEST) 2026 के तीसरे संस्करण का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2012 में अरुणाचल विश्वविद्यालय अधिनियम पारित होने के बावजूद यह संस्थान कई वर्षों तक निष्क्रिय रहा। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय को नई योजना, स्थान चयन, बुनियादी ढांचे और कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान देते हुए शून्य से पुनर्जीवित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में प्रशासनिक भवन के उद्घाटन के साथ विश्वविद्यालय ने औपचारिक रूप से काम करना शुरू किया। इसके बाद प्रो. टोमो रीबा को पहले कुलपति के रूप में नियुक्त किया गया। उसी वर्ष शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हुआ और विश्वविद्यालय के पहले बैच के छात्र स्नातक हो चुके हैं। दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल ने की, जो विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं।

कुलपति प्रो. रीबा, रजिस्ट्रार नानी दरांग और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए खांडू ने कहा कि शून्य से किसी संस्थान की स्थापना करना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन तीन वर्षों में विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि परिसर का निर्माण अंतिम चरण में है, जिससे विश्वविद्यालय उच्च शैक्षणिक स्तर की ओर बढ़ सकेगा।

छात्रों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और कुलपति द्वारा दिए गए सुझावों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी वास्तविक आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे का विकास प्राथमिकता रहेगा और शिक्षा मंत्री को विश्वविद्यालय की प्रगति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राज्य बजट निकट होने और मुख्य सचिव, शिक्षा आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहचानी गई सभी कमियों को आगामी बजट में शामिल किया जाएगा।

भूमि विस्तार की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को प्रारंभ में लगभग 100 एकड़ भूमि पर स्थापित करने की योजना थी, जो भविष्य की जरूरतों के लिए अपर्याप्त प्रतीत होती है। उन्होंने स्थानीय विधायकों, जिला प्रशासन और सामुदायिक नेताओं से अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने में सहयोग की अपील की, ताकि विश्वविद्यालय के विकास की संभावनाएं सीमित न हों। उन्होंने कहा कि राज्य के पहले विश्वविद्यालय के रूप में इसके विकास की “असीमित संभावनाएं” होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने पेशेवर वास्तुशिल्प फर्मों के साथ परामर्श कर विश्वविद्यालय के मास्टर प्लान की समीक्षा और पुनर्संरचना का भी आह्वान किया, ताकि ऐसा परिसर विकसित किया जा सके जो विदेशी छात्रों को भी आकर्षित कर सके। उन्होंने बुनियादी ढांचे और शिक्षकों की गुणवत्ता दोनों को समान रूप से मजबूत करने पर बल दिया और शिक्षा आयुक्त को संकाय एवं स्टाफ की कमी का आकलन कर समयबद्ध तरीके से प्रस्ताव कैबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों का उल्लेख करते हुए खांडू ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप बड़े बदलाव हो रहे हैं, जिसे वर्ष 2030 तक पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगभग 700 अव्यवहारिक स्कूलों को बंद किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अरुणाचल विश्वविद्यालय में वर्तमान में 11 शैक्षणिक विभाग संचालित हैं और वाणिज्य, अर्थशास्त्र, शिक्षा, सामाजिक कार्य और ट्रैवल स्टडीज जैसे विषयों में पीएचडी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय में निरंतर निवेश का भरोसा देते हुए परिसर में खेल अवसंरचना विकसित करने की भी घोषणा की, जिसका प्रावधान आगामी बजट में किया जाएगा।

“विकसित भारत 2047” के विजन का उल्लेख करते हुए खांडू ने कहा कि विकास हर राज्य, जिले और गांव तक पहुंचना चाहिए और इसमें छात्रों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने युवाओं से सार्वजनिक सेवा, उद्यमिता, कृषि और अन्य क्षेत्रों में योगदान देकर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी की अपील की।

मुख्यमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश की प्राकृतिक संसाधन संपन्नता का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक राज्य के युवा विकास की प्रमुख शक्ति बनेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अरुणाचल प्रदेश और जापान के शैक्षणिक संस्थानों के बीच छात्र और शिक्षक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर चर्चा चल रही है।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में नव निर्मित ‘एकेडमिक ब्लॉक–A’ का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री चोना मीन, विधि एवं न्याय मंत्री केंटो जिनी, कई विधायक, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

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