Attack on Delhi CM : रेखा गुप्ता पर हुआ हमला, दिल्ली में बयानों का दौर जारी

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने की कोशिश की गई। यह घटना उनके सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर हुई, जहाँ वह नागरिकों की शिकायतें सुन रही थीं। दिल्ली सीएमओ के अनुसार, आरोपी ने मुख्यमंत्री पर हमला करने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे काबू में कर लिया। घटना के बाद मुख्यमंत्री को एहतियातन चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया।

प्राथमिक पूछताछ में हमलावर ने अपना नाम राजेश भाई खीमजी भाई साकरिया बताया और दावा किया कि वह गुजरात के राजकोट का निवासी है। पुलिस अब उसकी पहचान और पृष्ठभूमि की जांच कर रही है।

घटना के समय मौजूद नागरिकों ने बताया कि मुख्यमंत्री शिकायतें सुन रही थीं तभी अचानक पीछे से शोर हुआ और पुलिस ने हमलावर को पकड़ लिया। एक शिकायतकर्ता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि अफवाह फैल गई थी कि हमलावर ने मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा है, जिसके बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही घटना की पूरी जानकारी सामने आएगी।

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर इस मामले में उचित कार्रवाई करने का भरोसा जताया और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की कुशलता की कामना की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला बेहद निंदनीय है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद और विरोध स्वीकार्य हैं, लेकिन हिंसा के लिए कोई जगह नहीं हो सकती। मुझे विश्वास है कि दिल्ली पुलिस उचित कार्रवाई करेगी। मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ होंगी।

जनसुनवाई के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले पर दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ठीक हैं। हमलावर पिछले 1 दिन से रेकी कर रहा था… वह हमला करने की मंशा से ही आया था। उसके पास कोई जनसुनवाई का कागज नहीं था… जनसुनवाई जारी रहेंगी। दिल्ली के काम किसी हालत में नहीं रुकेंगे…”

पूर्व सीएम आतिशी ने लिखा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुआ हमला बेहद निंदनीय है। लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह होती है, लेकिन हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी। आशा है मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। आप दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने भी इस घटना पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में इस तरह के हमले के लिए कोई जगह नहीं है और ये महात्मा गांधी द्वारा सिखाए गए सिद्धांत नहीं हैं।

उन्होंने हिंसा को संरक्षण देने वाले समूह पर भी सवाल उठाए और कहा कि हिंसा सिर्फ़ मुख्यमंत्री पर हमले के समय ही नहीं होती, बल्कि तब भी होती है जब पुलिस एसएससी के छात्रों और शिक्षकों के ख़िलाफ़ हिंसक कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि यह निंदनीय है। हमारे समाज में किसी भी तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। यह हमें महात्मा गांधी ने सिखाया था। सवाल यह है कि कौन सा समूह हिंसा को संरक्षण दे रहा है। हिंसा सिर्फ़ मुख्यमंत्री पर हमले के समय ही नहीं होती, बल्कि तब भी होती है जब एसएससी के छात्रों और शिक्षकों के ख़िलाफ़ पुलिस कार्रवाई की जाती है। किसानों ने अपने अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ हिंसक कार्रवाई की – यह भी हिंसा थी। पुलिस को नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार करने का कोई अधिकार नहीं है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.