भारत जोड़ो यात्रा और कोरोना ?


कमलेश भारतीय

जैसे जैसे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा आगे बढ़ रही है , वैसे वैसे भाजपा की चिंता बढ़ रही है । दक्षिण भारत तक कितने ही आरोप राहुल पर लगाये गये । कभी महंगी टी शर्ट को लेकर तो कभी विवेकानंद प्रतिभा पर पुष्प अर्पित न करने को लेकर !
अब जबकि यह यात्रा राजस्थान के बाद हरियाणा में दाखिल हुई है तो कोरोना सताने का डर दिखाया जा रहा है । कांग्रेस के मीडिया प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयराम रमेश से मीडिया ब्रीफिंग में सबसे पहला सवाल यही पूछा गया कि भाजपा ने कोरोना की गाइडलाइंस को फाॅलो न करने का आरोप लगाया है । स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया का कहना है कि हमने तो अलर्ट किया है बाकी हम खास लोगों से सवाल कैसे पूछ सकते हैं !

जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने जो जवाब दिये थे वे यह कि राजस्थान में सतीश पूनिया भी यात्रा निकाल रहे हैं तो क्या उनको कोई गाइडलाइंस दी गयी हैं ? मध्यप्रदेश में जब कमलनाथ की सरकार गिराने में लगे थे तब कोरोना की हमारी दुहाई नहीं सुनी गयी थी और सरकार गिरा लेने के ऑपरेशन के बाद कोरोना की वजह से लाभकारी लगा दिया गया था ! कुम्भ मेले के समय भी कोरोना की गाइडलाइंस की कोई परवाह न की गयी तब भी बहुत ध्यान दिलाया था । अब राहुल गांधी की यात्रा पर फिर से कोरोना गाइडलाइंस याद आ गयीं ? कर्नाटक में इसका कोई पालन नहीं कर रहा और एयरपोर्ट पर भी कोई निर्देश नही दिये गये । सब गाइडलाइंस राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर ही क्यों ?
कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा को पहुंचना है और तब तक अनेक कारण सामने आयेंगे । इसके बावजूद कोरोना को इतने हल्के से भी न लिया जाये ! जिस तरह की खबरें चीन से आ रही हैं और जिस तेजी से कोरोना फिर से पांव पसार रहा है , उसे देखते हुए कम से कम यात्रा में मास्क बांटे जाने में कोई हर्ज नहीं है । रही यात्रा की बात तो सच में इस यात्रा से कुछ बदलाव देश में , कुछ खुद राहुल गांधी में तो कुछ बदलाव कांग्रेस में भी आया है ! राहुल खुद यह स्वीकार कर रहे हैं कि बदलाव आया है । लोगों के बीच जाकर समस्याओं को निकट से जानने समझने का मौका मिला है । यह भी कि कांग्रेस शासित राज्यों के विधायक महीने में कम से कम एक दिन पदयात्रा करें और लोगों के बीच जायें ! यह भी कहा जयराम रमेश ने कि काग्रेस को संजीवनी मिली है । हरियाणा कांग्रेस के सभी अलग अलग मिजाज के नेता एक मंच पर दिखने लगे हैं पर कब तक ? यह बहुत बड़ा सवाल है । क्या यह एकता यात्रा के बाद भी दिखेगी या बनी रहेगी ?

Leave a Reply

Your email address will not be published.