नई दिल्ली। बिहार के छपरा जिले के मांझी से आने वाले भाजपा नेता डॉ धनंजय गिरि ने शुक्रवार की सुबह नई दिल्ली में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति श्री Guy Parmelin से मुलाकात की। राजधानी के एक पंचसितारा होटल में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति श्री गाय पार्मेलिन से आत्मीय मुलाकात के बाद Dr Dhananjay Giri ने कहा कि उन्हें स्विट्जरलैंड आने का दोबारा निमंत्रण मिला है। जल्द ही वे वहां जाने की योजना बनाएंगे।
भाजपा नेता डॉ धनंजय गिरि (Dhananjay Giri) ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी (Na)के दूरदर्शी नेतृत्व में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य की धड़कन बनकर उभरा है। दुनिया के कोने-कोने से आए राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने जब भारत की इस नई चेतना को महसूस किया, तो लगा मानो तकनीक में भी आत्मा बस सकती है और उस आत्मा का नाम है विश्वास।
इसी ऐतिहासिक क्षण के बीच स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति Guy Parmelin से आज सुबह नाश्ते की मेज पर आत्मीय संवाद हुआ। बातचीत औपचारिक कम और भावनात्मक अधिक थी। उन्होंने भारत के विकास की चर्चा की, पर शब्दों से अधिक उनकी आंखें बोल रही थीं, जैसे वे किसी राष्ट्र की प्रगति नहीं, एक सभ्यता के पुनर्जागरण को देख रहे हों।
डॉ धनंजय गिरि ने बताया कि कुछ दिन पहले वे स्विट्जरलैंड गए थे। वहां भी स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति श्री Guy Parmelin ने अपने गांव बर्सिन्स में मुलाकात की। वहां साथ बिताए क्षण अभी स्मृतियों में ताजा थे। इसी बीच एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में दो दिन के लिए उनका भारत आना। मुझे मिलने के लिए कहा गया और आज हमारी आत्मीय मुलाकात हुई। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि यह जैसे दो देशों के बीच कूटनीति नहीं, दिलों के बीच एक सेतु था। सचमुच, यह संगमरमरी एहसास था — ठंडा भी, स्थायी भी और खूबसूरत भी।
किसी प्रिय को अलविदा कहना कभी आसान नहीं होता। फिर भी समय की परंपरा यही है — मिलना भी नियति, बिछड़ना भी नियति। वहां उन्होंने कहा था अलविदा… और आज यहां मुझे कहना पड़ा — अलविदा ! कामना है कि आपकी मानवीय करुणा और सौहार्द की ऊष्मा इस जगत को यूं ही स्पर्श करती रहे। अगली मुलाकात तक स्मृतियां ही हमारी आत्मीय संबंधों की दूत बनी रहेंगी।

