Bihar : भाजपा के अंदर में ये भी चल है बात, बिहार में कार्यकर्ताओं को मिले अधिक तरजीह

 

पटना। बिहार का राजनीतिक घटनाक्रम हर पल बदलता जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया कदमों के बाद तय माना जा रहा है कि बिहार में जदयू और राजद के संबंध अब बिगड़ गए हैं। पटना से लेकर दिल्ली में लगातार बैठकों का दौर जारी है। भाजपा और जदयू के नेताओं की बैठकें हो रही है। दोनें राजनीति दल अपने अपने नेताओं से भी बात कर रहे हैं।
इसके बीच प्रदेश भाजपा के कार्यकर्ताओं की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और भाजपा के केंद्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा को संदेश भेजा गया है। उसमें कहा गया है कि बिहार में सत्ता का भागीदार बनने से पहले प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता की राय को तवज्जो दिया जाना चाहिए।
भाजपा से जुड़े लोगों का कहना है कि बिहार की जनता प्रधानमंत्री मोदी के कामों को लेकर बेहद उत्साहित है। कई योजनाओं से हुए जनता के लाभ की बात बताई गई है। साथ ही 22 जनवरी को हुए अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बिहार के जनमानस की सोच को भी विस्तार से बताया गया है। उसके बाद कहा गया है कि बिहार के वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम में वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के संगठन और समाज के बीच कामों को ब्यौरा दिया गया है। उनकी कार्यप्रणाली से जनता में बढ़ते जनसमर्थन को बताया गया है। प्रदेश अध्यक्ष द्वारा नव निर्मित टीम के द्वारा रात- दिन के अथक प्रयास के द्वारा जिस तरह पार्टी के अन्दर और बाहर जिस तरह नई ऊर्जा का संचरण कर पूरे प्रदेश में एक लहर पैदा हुई। हर वर्ग और हर तबके में भाजपा के प्रति और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर लगातार भरोसा पहले से अधिक होता जा रहा है। मुस्लिम सिर्फ़ बिना महिला और यादव 40 प्रतिशत भाजपा के साथ है। ऐसे में पलटूराम की छवि लिए नीतीश कुमार के साथ जाने से काफी कार्यकर्ताओं में रोष है।
बिहार भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री सहित पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष से इस पर विचार करने के लिए कहा गया है। पार्टी के ऐसे कई नेताओं की मांग है कि बिहार में सत्ता परिवर्तन होने की स्थिति में इस बार मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से ही हो। जिसके पास संगठन का अनुभव हो।

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