C.P. राधाकृष्णन बने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के अध्यक्ष

नई दिल्ली: श्री C.P. राधाकृष्णन ने आज भारत के पंद्रहवें उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के अध्यक्ष के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पद की शपथ दिलाई। इससे पहले, श्री राधाकृष्णन महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके हैं।

शपथ ग्रहण के बाद, श्री C.P. राधाकृष्णन ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को सदा अटल में, पंडित दीनदयाल उपाध्याय को उनके स्मारक स्थल दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर तथा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को किसान घाट पर श्रद्धांजलि दी।

संक्षिप्त परिचय: श्री C.P. राधाकृष्णन

शैक्षिक और पेशेवर पृष्ठभूमि:
4 मई 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे श्री चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन ने व्यवसाय प्रशासन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। आरएसएस स्वयंसेवक के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने के बाद 1974 में भारतीय जनसंघ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य बने। सार्वजनिक जीवन में आने से पहले वे एक सफल वस्त्र निर्यातक रहे।

संसदीय और सार्वजनिक जीवन:

1996 में वे तमिलनाडु भाजपा के सचिव नियुक्त हुए।

1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए। इस दौरान वे संसदीय स्थायी समिति (टेक्सटाइल) के अध्यक्ष और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों एवं वित्त समिति के सदस्य रहे।

2004 में यूएन महासभा को संबोधित किया और ताइवान के लिए पहली संसदीय प्रतिनिधिमंडल का सदस्य रहे।

2004-2007 तक तमिलनाडु भाजपा के राज्य अध्यक्ष रहे। इस दौरान 19,000 किलोमीटर की 93 दिवसीय ‘रथ यात्रा’ का नेतृत्व किया।

2016 में कोइर बोर्ड, कोच्चि के अध्यक्ष बने और भारत से कोइर निर्यात का रिकॉर्ड 2,532 करोड़ रुपये तक बढ़ाया।

2020-2022 तक केरल में भाजपा के अखिल भारतीय प्रभारी रहे।

18 फरवरी 2023 को झारखंड के राज्यपाल नियुक्त हुए। महाराष्ट्र में राज्यपाल रहते हुए राज्य भर में लोगों और अधिकारियों से संवाद किया।\

व्यक्तिगत जानकारी:

नाम: श्री चंद्रपुरम पोनुसामी (C.P.) राधाकृष्णन

जन्म: 4 मई 1957, तिरुपुर, तमिलनाडु

माता-पिता: श्री पोनुसामी और श्रीमती C.P. जनकी

वैवाहिक स्थिति: 25 नवंबर 1985

पत्नी: श्रीमती सुमति R.

संतान: एक पुत्र और एक पुत्री

शिक्षा, जनकल्याण और आदिवासी शिक्षा में सुधार के लिए सक्रिय।

शौक और रुचियाँ:
श्री राधाकृष्णन खेलों के भी काफी उत्साही रहे; कॉलेज में टेबल टेनिस में चैम्पियन और लंबी दूरी दौड़ के धावक। क्रिकेट और वॉलीबॉल में भी रुचि।

विदेश यात्रा:
श्री राधाकृष्णन ने अमेरिका, यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, पुर्तगाल, नॉर्वे, डेनमार्क, स्वीडन, फिनलैंड, बेल्जियम, नीदरलैंड, तुर्की, चीन, मलेशिया, सिंगापुर, ताइवान, थाईलैंड, मिस्र, यूएई, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और जापान की यात्रा की है।

श्री C.P. राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति और राज्यसभा अध्यक्ष बनना भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है, जो अनुभव, नेतृत्व और जनता से संवाद की उनकी क्षमता को दर्शाता है।

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