केएलएफ भाव संवाद में होगी कई पुस्तकों पर विमर्श

भुबनेश्वर।कलिंगा लिटररी फेस्टिवल दिसंबर के आगामी विशिष्ट सत्रों में करेगा कुछ ख्यातिलब्ध लेखक, अर्थशास्त्री, निति-निर्माता, और विचारकों की मेजबानी। कलिंगा लिटररी फेस्टिवल के भाव संवाद में शामिल होंगे, विचारक राम …

शून्य से शिखर के धनी भामाशाह: महाशय धर्मपाल आर्य

-विनोद बंसल, राष्ट्रीय प्रवक्ता-विहिप कुछ लोग कर्म शील होते हैं तो कुछ धर्मशील। कोई विद्यावान होता है तो कोई गुणवान। कोई धनवान होता है तो कोई बलवान। कोई ज्ञानी होता है …

कलिंग लिटरेरी फेस्टिवल: भावा संवद, केएलएफ का डिजिटल डायलॉग पहले १०० वें एपिसोड तक दो मिलियन दर्शकों तक पहुंचा

भुवनेश्वर। देश के एक प्रमुख साहित्यिक उत्सव मंच कलिंग लिटरेरी फेस्टिवल (केएलएफ) की पहल केएलएफ भाव संवाद ,अपने 100 वें सत्र में 3 दिसंबर को अंग्रेजी भाषा के सुविख्यात साहित्यकार …

हिंदी में पत्रकारिता और साहित्य के बीच पुल बचाने की जरूरत : राहुल देव

  गुरुग्राम । हिंदी में पत्रकारिता और साहित्य के बीच पुल बचाने की बहुत जरूरत है इस समय । यह कहना है प्रसिद्ध पत्रकार व टीवी विश्लेषक राहुल देव का …

दूसरी आजादी का सपना दिखाने वाले आज हैं सर्वाधिक प्रासंगिक

डाॅक्टर धनंजय गिरि मनुष्य का आकलन इस आधार पर किया जाता है कि वह अपने देशकाल में और उसके बाद के समय में कैसा याद किया रहा है ? उसके …

शतायु हुए मैथिली के मूर्धन्य साहित्यकार पंडित गोविन्द झा

पटना। मैथिली साहित्य के युग पुरुष पंडित गोविन्द झा आज अपना 100वां जन्मदिन मना रहे हैं. तक़रीबन 250 से ज्यादा पुस्तकों (प्रकाशित, अप्रकाशित) के रचनाकार आज भी उतना ही सक्रीय …

रक्तांचल- बंगाल की रक्तचरित्र राजनीति

नई दिल्ली। हम सभी रोजाना बहुत कुछ देखते, सुनते व महसूस करते हैं। लेकिन कुछ ही उसे दिमाग में कैद कर उसका मंथन करते हैं। ऐसे वैचारिक भूख वाले लोग …