‘उमंग 8.0’ से श्याम लाल कॉलेज में परंपरा और सृजनात्मकता का उत्सव

नई दिल्ली: श्याम लाल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘उमंग 8.0 – ब्लॉसम एंड विज़ुअल नैरेशन ऑफ ट्रैडिशन: विकसित भारत @2047’ का सफल आयोजन किया गया। यह कॉलेज का प्रमुख अंतर-महाविद्यालयीय सांस्कृतिक कार्यक्रम है, जिसका आयोजन गार्डन समिति एवं इको-क्लब द्वारा आईक्यूएसी तथा वनस्पति विज्ञान विभाग के सहयोग से किया गया। लगातार आठ वर्षों से आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम पूर्वी दिल्ली की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल बन चुका है।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय प्रशासन एवं आईक्यूएसी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसे प्राचार्य प्रो. रबी नारायण कर तथा आईक्यूएसी निदेशक प्रो. कुशा तिवारी का संस्थागत समर्थन प्राप्त रहा। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सुनीना जुत्शी तथा सह-संयोजक डॉ. पूजा गुप्ता रहीं।

“विकसित भारत @2047” थीम पर आधारित इस आयोजन ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उसके भविष्य के संकल्प के मध्य सामंजस्य को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10:00 बजे प्राचार्य प्रो. रबी नारायण कर के उद्घाटन संबोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने सतत एवं प्रगतिशील समाज के निर्माण में सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में तीन प्रमुख प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं — रंगोली, फोटोग्राफी और प्रश्नोत्तरी — जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं में कलात्मक उत्कृष्टता, सांस्कृतिक समझ और बौद्धिक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।

इसके अतिरिक्त, पारंपरिक संस्कृति की जीवंत प्रदर्शनी ने परिसर को उत्सवमय बना दिया। विभिन्न सामाजिक उद्यमों और रचनात्मक पहलों ने भी सहभागिता की, जिनमें मिलेट उत्पाद (मोमोज़िया), हर्बल परफ्यूम (फ्रेंज़े), हस्तनिर्मित आभूषण (क्ले एवं मनीरा), आयुर्वेदिक उत्पाद (सुखी जीवन दवाखाना), महिलाओं द्वारा निर्मित जैविक गुलाल (सुमंगलम), बच्चों द्वारा तैयार बेकरी उत्पाद (मिनी डेज़र्ट्स) तथा ऊनी हस्तशिल्प (कला नॉट क्रिएशन) शामिल रहे। इनकी सहभागिता ने कार्यक्रम को उद्यमिता और सतत विकास की दृष्टि से और समृद्ध बनाया।

विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की मौलिकता और विषय की गहन समझ की सराहना की।

उमंग 8.0 ने एक बार पुनः श्याम लाल कॉलेज की सांस्कृतिक विरासत, सृजनात्मकता और समग्र छात्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.