तुष्टिकरण छोड़ केरल की बेटियों से माफ़ी मांगे मुख्यमंत्री विजयन: विहिप

नई दिल्ली। फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सम्मानित किए जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विजयन को “जिहादी तुष्टिकरण” की नीति छोड़कर केरल की बेटियों से माफी मांगनी चाहिए।

विनोद बंसल ने कहा कि ‘द केरल स्टोरी’ को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना न केवल फिल्म से जुड़ी प्रतिभाओं का सम्मान है, बल्कि उन करोड़ों बेटियों और उनके परिजनों को सतर्क करने का संदेश भी है, जो इस्लामिक जिहादी तत्वों द्वारा फैलाए गए कथित ‘लव जिहाद’ की विभीषिका का शिकार हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को आयोजित 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में फिल्म के निर्देशक सुदीप्तो सेन को बेस्ट डायरेक्टर और प्रशांतनु मोहपात्रा को बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का पुरस्कार प्रदान किया गया।

बंसल ने आरोप लगाया कि यह फिल्म जहां जिहादी मानसिकता को उजागर कर समाज को जागरूक करती है, वहीं मुख्यमंत्री विजयन को इससे आपत्ति है। “उन्हें न तो राज्य की बेटियों के लापता होने की पीड़ा है, न ही उन पर हुए अमानवीय अत्याचारों का दुख है, लेकिन जब यह सच्चाई बड़े पर्दे पर आती है, तो वे उसे भारतीय सिनेमा की परंपरा का अपमान बता देते हैं,” उन्होंने कहा।

विहिप प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि केरल की बेटियों को जबरन धर्मांतरण कर आतंकवादी संगठनों जैसे आईएसआईएस में शामिल किया गया, उनके साथ मानसिक, शारीरिक और सामाजिक शोषण हुआ — लेकिन तब राज्य सरकार मौन रही।

अंत में बंसल ने मांग की कि मुख्यमंत्री विजयन को न सिर्फ इस फिल्म की आलोचना बंद करनी चाहिए, बल्कि अपने कर्तव्य में चूक और राज्य में हुए इस “घोर अन्याय” के लिए राज्य की जनता विशेषकर पीड़ित बेटियों और उनके परिवारों से माफी मांगनी चाहिए।

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