मजबूत आंतरिक सुरक्षा और तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर: मुख्यमंत्री पेमा खांडू

ईटानगर। CM Pema Khandu ने सोमवार को मजबूत आंतरिक सुरक्षा, तकनीक आधारित पुलिसिंग और दोषसिद्धि-उन्मुख आपराधिक न्याय प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया। वे यहां डीके कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पुलिस अधीक्षकों और कमांडेंट्स के राज्य स्तरीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

इस सम्मेलन में राज्य के गृह मंत्री Mama Natung, गृह सलाहकार Mutchu Mithi, मुख्य सचिव Manish Kumar Gupta, नव नियुक्त पुलिस महानिदेशक S. D. Singh Jamwal, राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रतिनिधि तथा नागरिक प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक हाल ही में Raipur में आयोजित 60th All India Conference of Directors General of Police के अनुसरण में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता Narendra Modi ने की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन विकास और कानून-व्यवस्था को साथ-साथ चलना होगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था मजबूत हुए बिना विकास संभव नहीं है। उन्होंने भविष्य की पुलिसिंग के लिए साइबर क्षमताओं और डिजिटल फॉरेंसिक को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सक्रिय करने की भी आवश्यकता बताई। उन्होंने पुलिस महानिदेशक के अधीन एक समर्पित सोशल मीडिया टीम बनाने का सुझाव दिया और जिला पुलिस अधीक्षकों को इन प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जनता को पुलिस के अच्छे कार्यों की जानकारी मिलनी चाहिए और सोशल मीडिया का उपयोग केवल आधिकारिक संचार के लिए होना चाहिए।

सीमा प्रबंधन के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि Arunachal Pradesh पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा राज्य है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं Bhutan और Myanmar से लगती हैं, जबकि उत्तर में Tibet से भी सीमा जुड़ी है। उन्होंने विशेष रूप से म्यांमार सीमा से लगे तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों में सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, जहां सीमा पार से जुड़े उग्रवादी प्रभाव के कारण वसूली और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोई स्थानीय उग्रवाद नहीं है, लेकिन जो भी चुनौतियां हैं उन्हें राज्य को स्वयं जिम्मेदारी लेकर हल करना होगा। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश पुलिस द्वारा यूनाइटेड तानी आर्मी के नाम से उग्रवाद को पुनर्जीवित करने के प्रयासों को विफल करने की सराहना की और विशेष कार्यबल को और मजबूत करने, प्रशिक्षण व मानव संसाधन बढ़ाने तथा Assam Rifles सहित केंद्रीय बलों के साथ बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई।

राज्य की जनजातीय विविधता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रत्येक क्षेत्र की सामाजिक संवेदनशीलताओं को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि समावेशी शासन के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ संरचित संवाद आवश्यक है और अरुणाचल की विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

अवैध प्रवासन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने बताया कि Bengal Eastern Frontier Regulation, 1873 के तहत लागू इनर लाइन परमिट प्रणाली को तकनीकी रूप से उन्नत किया जा रहा है और जल्द ही इसे पूरे राज्य में डिजिटल स्वरूप में लागू किया जाएगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों—Bharatiya Nyaya Sanhita, Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita और Bharatiya Sakshya Adhiniyam—को भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में परिवर्तनकारी कदम बताया। उन्होंने राज्य पुलिस को इन कानूनों पर 100 प्रतिशत प्रशिक्षण पूरा करने और ई-सुरक्षा, ई-समन, आईसीजेएस एकीकरण, न्याय श्रुति तथा मोबाइल फॉरेंसिक वैन जैसी पहलें शुरू करने के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय गिरफ्तारी आधारित पुलिसिंग से आगे बढ़कर दोषसिद्धि आधारित पुलिसिंग की ओर बढ़ने का है। उन्होंने बताया कि राज्य में दोषसिद्धि दर लगभग 30 प्रतिशत है, जिसे सुधारने के लिए पुलिस, विधि और न्यायिक विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने साक्ष्यों के संरक्षण के लिए “गोल्डन आवर” सुनिश्चित करने और राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित अरुणाचल की दिशा में आंतरिक सुरक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली, एआई आधारित पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा, मादक पदार्थ नियंत्रण और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा।

उन्होंने Roing Police Station को वर्ष 2025 के सर्वश्रेष्ठ पुलिस स्टेशन का पुरस्कार मिलने पर बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि प्रभावी पुलिसिंग, ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन और तकनीकी उपयोग का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश पुलिस की उपलब्धियों की भी सराहना की, जिनमें नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन, लगभग 16,000 एकड़ अवैध पोस्ता और गांजा की खेती का विनाश, एनडीपीएस मामलों का पंजीकरण, बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की जब्ती और अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ शामिल है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में अरुणाचल प्रदेश में उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है और पुलिस विभाग को भी सरकार की ओर से पर्याप्त सहयोग मिला है, जिसे आगे और मजबूत किया जाएगा। सम्मेलन से निकलने वाली सिफारिशों को आगामी बजट में वित्तीय समर्थन दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने नए पुलिस महानिदेशक S. D. Singh Jamwal का स्वागत करते हुए उन्हें अनुभवी और ऊर्जावान अधिकारी बताया और विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में राज्य पुलिस नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी। उन्होंने अधिकारियों से समय पर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने और जिला स्तर पर भी इसी प्रकार की बैठकों का आयोजन कर सम्मेलन के निष्कर्षों को जमीनी स्तर तक लागू करने का आह्वान किया।

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