सीआरआइएफ माइक्रोलेंड का माइक्रोफाइनेंस लेंडिंग पर त्रैमासिक प्रकाशन – वॉल्‍यूम XXI, सितम्बर 2022

 

नई दिल्ली। सीआरआईएफ हाई मार्क ने सीआरआइएफ माइक्रोलेंड वॉल्‍यूम – XXI सितंबर 2022 के 19वें संस्करण की घोषणा की है। सीआरआइएफ माइक्रोलेंड एक त्रैमासिक प्रकाशन है जिसमें भारत में माइक्रो-लेंडिंग उद्योग की समीक्षा रहती है। वर्तमान संस्करण सितंबर 2022 तक माइक्रो-लेंडिंग पोर्टफोलियो पर गहन जानकारी प्रदान करता है।

 

रिपोर्ट की मुख्य बातें –

माइक्रोफाइनेंस सेक्टर का पोर्टफोलियो बकाया सितंबर 2022 तक 300 हजार करोड़ रुपये रहा, जिसमें तिमाही आधार पर 5% और सालाना आधार पर 21.5% की वृद्धि हुई है
सितंबर 22 तक एनबीएफसी 35.1% की पोर्टफोलियो हिस्सेदारी के साथ बाजार पर हावी है, जो बैंकों के 34.8%, एसएफबी के 16.8% से अधिक है।
पीएआर 30+ डीपीडी जून’22 के 5.8% से बढ़कर सितंबर’22 तक 5.4% हो गया और इसी दौरान पीएआर 90+ डीपीडी 2.2% से बढ़कर 2.7% हो गया।
जीएलपी द्वारा शीर्ष 10 राज्यों ने राष्ट्रीय जीएलपी में 84.2% योगदान दिया, वहीं बिहार ने तिमाही-दर-तिमाही उच्चतम वृद्धि दर्ज की।
वित्त वर्ष 23 की दूसरी तिमाही में ओरिजिनेशंस (मूल्य के आधार पर) 65.3 हजार करोड़ रुपये और ओरिजिनेशंस (मात्रा के आधार पर) 163.5 लाख रही।

भौगोलिक क्षेत्रों पर नजर

सितंबर 22 तक शीर्ष 10 राज्यों में जीएलपी का 84.2% हिस्सा था।
बिहार, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश ने सितंबर 22 तक क्रमशः 9.8%, 8.2% और 8.1% की उच्चतम तिमाही-दर-तिमाही वृद्धि दर्ज की।
सितंबर 22 तक शीर्ष राज्यों, तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल में प्रति कर्जदार औसत बैलेंस क्रमश: 51.9 हजार, 53.1 हजार, 47.3 हजार रुपये रहा।
सितंबर 22 तक माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र में पूर्वी क्षेत्र (32.7%) का दबदबा है, इसके बाद दक्षिण (26.9%) का स्थान है।
बैंकों के पोर्टफोलियो का 42.2% पूर्वी क्षेत्र में केंद्रित है। पूर्व में एनबीएफसी एमएफआई की हिस्सेदारी 28.7% है, वहीं एसएफबी का दक्षिण में 36% संकेंद्रण है।

जोखिम प्रोफाइल – भौगोलिक क्षेत्रवार

पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और केरल को छोड़कर सितंबर 22 तक 30+ डीपीडी समग्र उद्योग (5.4%) की तुलना में सभी शीर्ष 10 राज्यों के लिए कम है।
पीएआर 30+ डीपीडी सितंबर 22 तक पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश को छोड़कर सभी शीर्ष 10 राज्यों के लिए तिमाही आधार पर कम हो गया, जबकि मध्य प्रदेश और ओडिशा में यह स्थिर रहा।
सितंबर 22 तक पीएआर 90+ डीपीडी तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल को छोड़कर सभी शीर्ष 10 राज्यों में तिमाही आधार पर बढ़ा।
पीएआर 180+ डीपीडी में सितंबर 22 तक बिहार और उत्तर प्रदेश को छोड़कर सभी शीर्ष 10 राज्यों में तिमाही आधार पर वृद्धि हुई।
सितंबर 22 तक सभी शीर्ष 10 राज्यों में पीएआर 90+ डीपीडी में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई।

इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए सीआरआइएफ हाई मार्क के प्रबंध निदेशक श्री संजीत डावर ने कहा, “सीआरआईएफ माइक्रोलेंड रिपोर्ट वॉल्यूम XXI पिछली तिमाही की तुलना में सितंबर 22 तक माइक्रोफाइनेंस बुक में महत्वपूर्ण सुधार दिखाता है। सितंबर 22 तक माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र का पोर्टफोलियो बकाया 300 हजार करोड़ रुपये है, जो सालाना आधार पर 22% की वृद्धि दर्शाता है, जबकि ग्रामीण बाजार पोर्टफोलियो में सालाना आधार पर 26% की वृद्धि दर्शाता है। वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में मूल्य और मात्रा के हिसाब से नए लोन ओरिजिनेशंस में पिछली तिमाही की तुलना में लगभग 20% की वृद्धि देखी गई। आरबीआई द्वारा लाए गए संशोधित नियामक ढांचे के साथ मिलकर यह बेहतरीन प्रदर्शन माइक्रोफाइनेंस उद्योग को बढ़ावा देगा।”

 

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