नई दिल्ली। अपनी सफलता की पहल को एक कदम आगे बढ़ाते हुए डाबर इंडिया लिमिटेड के डाबर च्यवनप्राश ने स्कूली छात्रों को सबसे बड़ा ‘इम्युनिटी लेसन’ देने के लिए गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड बनाया। इस अनूठी पहल के लिए डाबर के साथ सर गंगा राम अस्पताल, दिल्ली के आयुर्वेद विभाग के वरिष्ठ सलाहकार (बीएचयू के एमडी आयुर्वेद) डॉ. परमेश्वर अरोड़ा ने मानव रचना स्कूल, फरीदाबाद में बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए यह ‘इम्युनिटी लेसन’ प्रोग्राम किया था।
डाबर इंडिया लि. के मार्केटिंग हेड- हेल्थ सप्लीमेंट्स श्री प्रशांत अग्रवाल कहते हैं कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का हिस्सा बनना बहुत गर्व और सम्मान की बात है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्युनिटी सिस्टम) के महत्व को ध्यान में रखते हुए, डाबर च्यवनप्राश ने बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए इस सबसे बड़े ‘इम्युनिटी लेसन’ प्रोग्राम का आयोजन किया था।
आयुर्वेद की समृद्ध विरासत और प्रकृति के गहन ज्ञान के साथ, डाबर ने हमेशा प्रामाणिक आयुर्वेद के अध्ययन के माध्यम से सभी के लिए सुरक्षित और प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान केंद्रित किया है। डाबर च्यवनप्राश में आंवला, अश्वगंधा, गुडूची, दशमूला आदि चालीस से अधिक जड़ी बूटियों की अच्छाई होती है और यह एक प्रभावी इम्यूनिटी बूस्टर है, जो रोजमर्रा में होने वाले संक्रमण और एलर्जी जैसे सर्दी-खांसी आदि को रोकने में प्रभावी पाया गया है।
सर गंगा राम अस्पताल, दिल्ली के एम.डी. (आयुर्वेद), बी.एच.यू. डॉ. परमेश्वर अरोड़ा कहते है कि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल करने की इस ऐतिहासिक घटना का हिस्सा होने पर मुझे गर्व है। बच्चों के लिए प्राकृतिक और अनुकूलनीय प्रतिरक्षा पर ध्यान देने वाले इस अद्वितीय और सबसे बड़े प्रतिरक्षा सत्र (इम्युनिटी लेसन) का हिस्सा बनने के कारण मैं खुद को सम्मानित महसूस करता हूं। एक मजबूत और ठीक से काम करने वाली प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्युनिटी सिस्टम) हमें दैनिक जीवन जीने में मदद करती है क्योंकि हर रोज आपका शरीर बदलते मौसम, बढ़ते प्रदूषण और मिलावटी भोजन के संपर्क में आता है। एक स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली के बिना, आप आसानी से संक्रमण और एलर्जी की चपेट में आ सकते हैं, जिसके गंभीर प्रभाव हो सकते हैं।
