नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने आज प्रिय सचदेव कपूर द्वारा दायर एक अर्जी पर सुनवाई करते हुए 10 सितंबर 2025 के आदेश में मंदीरा कपूर का नाम हटाने का आदेश दिया है। यह याचिका न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की एकल पीठ के समक्ष सूचीबद्ध थी।
इस अर्जी में प्रिय सचदेव कपूर ने दावा किया कि मंदीरा कपूर, जो दिवंगत सुंजय कपूर की बहन हैं, उनके मामले में ‘पिछले दरवाजे’ से प्रवेश पाने की कोशिश कर रही हैं। अर्जी में यह भी कहा गया कि 10.09.2025 के आदेश में उनके वकीलों की उपस्थिति को गलत तरीके से दर्ज किया गया था, जबकि मंदीरा कपूर इस केस की कोई पक्षकार नहीं हैं।
सुनवाई के बाद अदालत ने प्रिय कपूर की अर्जी स्वीकार करते हुए मंदीरा कपूर और उनके वकीलों के नाम आदेश से हटाने के निर्देश दिए।
प्रिय सचदेव कपूर (प्रतिवादी नंबर 1) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राजीव नायर और सुश्री शायल त्रेहन ने बहस की। उन्हें बहुगुणा लॉ एसोसिएट्स द्वारा निर्देशित किया गया था। टीम में शामिल थे – वरिष्ठ पार्टनर मेघना मिश्रा, पार्टनर डेजिगनेट अंकित राजगर्हिया, प्रिंसिपल एसोसिएट तरुण शर्मा और एसोसिएट रोहित कुमार।
यह आदेश कपूर परिवार की संपत्ति से जुड़े एक अहम कानूनी विवाद में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

