नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी के बाद फिर से सुधार करने और उपभोक्ताओं का स्वागत करने के प्रयास में शराब उपलब्ध कराने वाले बार्स, पब्स एवं रेस्टोरेन्ट्स को सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता के साथ डियाजियो इंडिया ने आज 75 करोड़ के एक प्रोग्राम ‘रेज़िंग द बार’ की घोषणा की है।
बार मालिकों की ज़रूरतों को समझने और फिर से उनका संचालन शुरू करने में मदद करने के लिए, दुनिया भर में किए गए एक सर्वेक्षण के बाद डियाजियो ने ‘रेज़िंग द बार’ प्रोग्राम पेश किया है। इसकी मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल हैं- हाइजीन के उपाय, डिजिटल सपोर्ट, व्यवहारिक उपकरण एवं प्रशिक्षण- जो इन आउटलेट्स के फिर से खुलने के बाद इनके संचालन के तरीके को पूरी तरह बदल देंगे।
‘रेज़िंग द बार’ प्रोगा्रम गैर-नकदी सहयोग प्रदान करेगा, जिसमें आउटलेट्स फिर से खोलने के लिए ज़रूरी फिज़िकल उपकरण जैसे उच्च गुणवत्ता के स्थायी सैनिटाइज़र डिस्पेंसर, मेडिकल ग्रेड हैण्ड सेनिटाइज़र और निजी सुरक्षा उपकरणों (जैसे मास्क और दस्ताने) से युक्त ‘हाइजीन किट्स’ शामिल होंगे; शराब बेचने वाले बार्स, पब्स एवं रेस्टोरेन्ट्स को ऑनलाईन रिज़र्वेशन एवं कैशलैस सिस्टम में सक्षम बनाया जाएगा; मोबाइल बार्स और आउटडोर उपकरणों जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
बार्स, पब्स और रेस्टोरेन्ट्स आउटलेट्स में शराब की बिक्री और कारोबार संचालन फिर से शुरू होने के बाद आउटलेट्स www.diageobaracademy.com के ज़रिए ‘रेज़िंग द बार’ प्रोग्राम के लिए पंजीकरण कर सकेंगे। बार मालिकों को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण एवं संसाधनों पर नियमित अपडेट्स दिए जाएंगे, वे अपना कारोबार संचालन फिर से शुरू होने के बाद अपने रूझानों को साझा करने के लिए विश्वस्तरीय सर्वेक्षणों में हिस्सा ले सकेंगे।
आनंद कृपालु, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, डियाजियो इंडिया ने कहा, ‘‘भारतीय आतिथ्य तथा एफ एण्ड बी उद्योग को अप्रत्याशित नुकसान हुआ है। इसका असर कई स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई एवं लाखों लोगों की आजीविका पर पड़ता है। पब, बार और रेस्टोरेन्ट हमारे समुदायों का अभिन्न हिस्सा हैं, जो लोगों को सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय होने और जश्न मनाने का अवसर देते हैं- लॉकडाउन में लोग इन चीज़ों की कमी महसूस कर रहे हैं। डियाजियो का हमेशा से आतिथ्य तथा एफ एण्ड बी उद्योग से गहरा रिश्ता रहा है, जो एक साथ मिलकर उपभोक्ताओं को बेजोड़ अनुभव प्रदान करते रहे हैं। अर्थव्यवस्था में सुधार एवं हमारे कारोबारों की सफलता के लिए इस सेक्टर में दोबारा सुधार लाना बहुत ज़रूरी है।

