पटना। राजधानी पटना के पीएमसीएच समेत बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में इंटर्न डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल की वजह से राज्यभर के मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं, जिसका सीधा असर मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मुख्य मांग
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल उन्हें ₹20,000 मासिक स्टाइपेंड मिलता है, जबकि उनकी मांग इसे ₹40,000 प्रतिमाह किए जाने की है। डॉक्टरों का आरोप है कि हर तीन साल में स्टाइपेंड बढ़ना चाहिए, लेकिन सरकार ने अब तक ऐसा नहीं किया। कई बार स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के बाद भी केवल आश्वासन ही मिला है।
मरीजों पर असर
ओपीडी सेवाएं बंद होने से इलाज के लिए अलग-अलग जिलों से आए मरीज परेशान हैं। कई मरीज घंटों इंतजार के बाद भी डॉक्टरों से परामर्श नहीं ले पाए। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की स्थिति और बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है।
हड़ताल जारी रखने की चेतावनी
इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी और ओपीडी सेवाएं ठप रहेंगी। हड़ताल के कारण बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है और सबसे ज्यादा परेशानी आम मरीजों को उठानी पड़ रही है।

