महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम है शी मार्ट्स की स्थापना

कृष्णमोहन झा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार 9 वीं बार बजट पेश कर रिकार्ड बना लिया। संसद में रविवार को पेश किये गये बजट का इस बार बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। विपक्ष की टोका-टाकी के बीच दिये गये लगभग एक घंटे और 25 मिनट के अपने बजट भाषण के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रही थीं और उनका यह आत्म विश्वास मानों इस बात की गवाही दे रहा था कि वर्तमान केंद्र सरकार आर्थिक मोर्चे पर हर कठिन चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करने में सक्षम है।

यूं तो आज संसद में पेश बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाली अनेक घोषणाएं की हैं किन्तु इस बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एम एस एम ई क्षेत्र में महिलाओं के 10 हजार करोड़ रुपए के एस एम ई ग्रोथ फंड स्थापित करने की घोषणा ने महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को एक बार फिर प्रमाणित कर दिया है।गौरतलब है कि केंद्र में मोदी सरकार के गठन के बाद से ही महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और विगत वर्षों में महिलाओं के आर्थिक उन्नयन हेतु प्रारंभ योजनाओं ने देश की करोड़ों जरूरतमंद महिलाओं के भाग्य को संवारकर उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान का हकदार बना दिया है।

केंद्र सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अभी तक जो योजनाएं प्रारंभ की हैं उनमें लखपति दीदी योजना ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की महिलाओं के बीच विशेष रूप से लाभान्वित किया है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नये बजट में लखपति दीदी योजना का दायरा बढ़ाने की घोषणा की है जिसके परिणामस्वरूप अब लखपति दीदी योजना से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पादों को सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट के माध्यम से बेचने के लिए स्वतंत्र होंगी। इसका उन्हें यह फायदा होगा कि वे अपने उत्पादों का सही मूल्य प्राप्त कर अपनी सालाना आय बढ़ा सकेंगी। इन रिटेल आउटलेट्स को शी मार्ट्स ( SELF-HELP ENTERPRENEUR MARTS) के नाम से जाना जाएगा। इन शी मार्ट्स की विशेषता यह होगी कि इनका स्वामित्व भी लखपति दीदी योजना से लाभान्वित होने वाली महिलाओं के समूहों के पास होगा।

केंद्रीय वित्त मंत्री की इस घोषणा को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है और इसके लिए वे साधुवाद की हकदार हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि शी मार्ट्स के माध्यम से अपने उत्पाद बेचने के लिए स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को कम ब्याज पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।शी मार्ट्स योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें बाजार से जोड़कर उन्हें महिला उद्यमी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में मदद करना है। इन शी मार्ट्स के माध्यम से स्वरोजगार समूहों से जुड़ी महिलाएं कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और छोटे घरेलू व्यवसायों से जुड़े उत्पाद बेच कर स्वयं ही अपने आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त कर सकेंगी। एग्री क्लस्टर्स में स्थापित किए जाने शी मार्ट्स नियमित बाजार के रूप में काम करेंगे और इन शी मार्ट्स के लिए महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, कार्यशील पूंजी और ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त इस योजना के अंतर्गत देश के ग्रामीण क्षेत्रों में क्रेता और विक्रेताओं के 50 सम्मेलन भी आयोजित करने किए जाएंगे।इस योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास मंत्रालय और कृषि मंत्रालय की होगी। महिलाओं को आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस योजना में आन लाइन ऋण प्रणाली लागू की जाएगी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2023 में लखपति दीदी योजना का शुभारंभ किया था जिसके अंतर्गत 2027 तक देश में ग्रामीण क्षेत्रों की तीन करोड़ महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ कर उनकी सालाना आय एक लाख रुपए सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।अब तक इस योजना के माध्यम से लगभग डेढ़ करोड़ महिलाओं ने लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बनाने का गौरव अर्जित किया है।


(लेखक राजनैतिक विश्लेषक है)

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