नई दिल्ली। भारत सोमवार को वाराणसी में अपनी 100वीं जी-20 बैठक यानी कृषि मुख्य वैज्ञानिकों (एमएसीएस) की बैठक की मेजबानी के साथ अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धि का जश्न मना रहा है। वहीं गोवा में हेल्थ वर्किंग ग्रुप, हैदराबाद में डिजिटल इकोनॉमी वर्किंग ग्रुप और शिलांग में स्पेस इकोनॉमी लीडर्स प्री-कर्सर मीटिंग भी आज आयोजित की जा रही है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार अबतक तीन मंत्री स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं। वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की पहली बैठक (एफएमसीबीजी) 24-25 फरवरी 2023 को बेंगलुरु में आयोजित की गई थी। जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक (एफएमएम) 1-2 मार्च 2023 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी, जबकि दूसरी एफएमसीबीजी बैठक 12-13 अप्रैल 2023 को वाशिंगटन डीसी में आयोजित की गई।
वहीं दो शेरपा बैठकें उदयपुर (4-7 दिसंबर 2022) और कुमारकोम (30 मार्च – 2 अप्रैल 2023) में आयोजित की गई हैं।
भारत की जी-20 अध्यक्षता में, इस समूह के नेताओं का शिखर सम्मेलन 9 और 10 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इससे पहले की तैयारियों के सिलसिले में भारत द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न गतिविधियों के दौरान समावेशी, महत्वाकांक्षी, कार्य-उन्मुख और निर्णायक एजेंडे के लिए जी-20 सदस्य राष्ट्रों तथा अतिथि देशों से इसे अपार समर्थन प्राप्त हुआ है।
उल्लेखनीय है कि दुनिया के 20 बड़ी अर्थव्यवस्था वाले समूह (जी-20) में 19 देश (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किए, यूनाईटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) और यूरोपीय संघ शामिल हैं।
जी-20 के सदस्य देश, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार के 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व की जनसंख्या के लगभग दो-तिहाई का प्रतिनिधित्व करते हैं।
India's #G20 Presidency reaches its 💯th event with Meeting of Agricultural Chief Scientists in #Varanasi today!
Midway in its journey, #G20India is a mass movement that has provided unique experiences to 12000+ delegates & brought the world to every corner of India!
🎥Recap pic.twitter.com/qT5Qrx1npj
— G20 India (@g20org) April 17, 2023
पिछले साल 16 नवंबर को जी-20 बाली शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जी-20 की अध्यक्षता सौंपी गई थी। इसके बाद भारत की साल भर चलने वाली जी-20 अध्यक्षता पिछले साल 1 दिसंबर को शुरू हुई और इस साल 30 नवंबर तक जारी रहेगी।
इससे पहले 8 नवंबर को प्रधानमंत्री ने जी-20 लोगो लॉन्च किया था और भारत की जी-20 प्रेसीडेंसी थीम – “वसुधैव कुटुम्बकम” यानी – “वन अर्थ-वन फैमिली-वन फ्यूचर” का अनावरण किया था। जी-20 लोगो को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में डिजाइन किया गया, जो हमारे पृथ्वी-समर्थक दृष्टिकोण और चुनौतियों के बीच विकास का प्रतीक है।
अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत वैश्विक दक्षिण और विकासशील देशों की आवाज और चिंताओं को भी मजबूती से सामने रख रहा है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में जनवरी 2023 को आयोजित ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ’ शिखर सम्मेलन में 125 देशों ने भाग लिया, जिसमें 18 देशों के प्रमुख और अन्य मंत्री स्तर के प्रतिनिधि शामिल थे।
इसके अलावा भारत की वर्तमान अध्यक्षता के दौरान अफ्रीका से अबतक की सबसे ज्यादा भागीदारी हुई है, जिसमें दक्षिण अफ्रीका (जी-20 सदस्य), मॉरीशस, मिस्र, नाइजीरिया, एयू अध्यक्ष – कोमोरोस और एयूडीए-एनईपीएडी शामिल हैं।
भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान व्यक्तिगत रूप से भागीदारी अबतक की सबसे बड़ी भागीदारी में से एक है। अबतक 110 से अधिक राष्ट्रीयताओं वाले 12,300 से अधिक प्रतिनिधियों ने जी-20 से संबंधित बैठकों में भाग लिया है। इसमें जी-20 सदस्यों, 9 आमंत्रित देशों और 14 अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी शामिल है।
वहीं अबतक 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कवर करते हुए 41 शहरों में जी-20 की 100 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।

