नई दिल्ली। गोल्डन ग्रोथ फंड (GGF), जो कि एक श्रेणी II प्रीमियम रियल एस्टेट केंद्रित वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) है, और ग्रोवी इंडिया, जो बीएसई में सूचीबद्ध एक दक्षिण दिल्ली स्थित रियल एस्टेट कंपनी है, ने दक्षिण दिल्ली में तीन परियोजनाओं में 180 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। दक्षिण दिल्ली भारत के प्रमुख आवासीय बाजारों में से एक है।
यह निवेश आनंद निकेतन और नीति बाग में किया गया है, जबकि दक्षिणी दिल्ली में एक अन्य कैटेगरी ए कॉलोनी में स्थित तीसरी परियोजना भी अगले चार महीनों में आने की उम्मीद है।
तीनों परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल तकरीबन 70,000 वर्गफीट है। आनंद निकेतन में परियोजना का निर्माण कार्य जनवरी 2025 में शुरू हुआ था जबकि, नीति बाग में निर्माण कार्य अगले महीने शुरू होगा।
तीनों परियोजनाओं की सेल्स क्षमता लगभग रु 240 करोड़ होगी।
इस अवसर पर अंकुर जालान, सीईओ, गोल्डन ग्रोथ फंड ने कहा, ‘‘दक्षिणी दिल्ली में यह निवेश उच्च गुणवत्ता की परियोजनाओं के विकास एवं डिलीवरी के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, साथ ही हमारे निवेशकों के लिए 20 फीसदी से अधिक आईआरआर को सुनिश्चित करता है। दक्षिणी दिल्ली के रियल एस्टेट मार्केट के नॉन-वॉलेटाईल होने के कारण इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा है। आज के समझदार ग्राहक ऐसे घरों में निवेश करना चाहते हैं जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ गोपनीयता भी हो। इसके अलावा एयरपोर्ट के साथ कनेक्टिविटी एवं दिल्ली-एनसीआर में प्राइम ऑफिस लोकेशन भी इसे आकर्षक गंतव्य बनाते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों में दक्षिणी दिल्ली की मुख्य कॉलोनियों में पुनःविकास में बढ़ोतरी हुई है और कीमतों में भी उछाल आया है।’’
दक्षिणी दिल्ली में 18500 निजी स्वामित्व के रिहायशी प्लॉट्स हैं, जिन्हें एमसीडी द्वारा कैटेगरी ए, बी, सी, और अन्य में रखा गया है। रु 5.65 लाख करोड़ के मौजूदा मार्केट मूल्य के साथ, प्रोजेक्ट के विकास के ढेरों अवसर हैं।
कैटेगरी ए की कॉलोनियों में प्लॉट्स की औसत कीमत रु 7-15 लाख प्रति वर्ग गज है, जबकि कैटेगरी बी की कॉलोनियों में कीमत रु 6-12 लाख प्रति वर्ग गज है।
‘फंड को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। जीजीएफ एकमात्र फंड है जो दक्षिणी दिल्ली के रियल एस्टेट मार्केट पर फोकस करता है। ऐसे में यह साउथ एवं ल्युटियन्स दिल्ली में फायदे का वादा करता है।
गोल्डन ग्रोथ फंड ने सितम्बर 2024 में दक्षिणी एवं ल्युटियन्स दिल्ली में ज़मीन के अधिग्रहण के लिए रु 400 करोड़ जुटाने की प्रतिबद्धता के साथ एक रियल एटेट पर आधारित एआईएफ का लॉन्च किया था। ऐसे में यह आकर्षक रियल एस्टेट मार्केट में निवेश करने वाला एकमात्र फंड है।
ग्रोवी इंडिया लिमिटेड की स्थापना साल 1985 में हुई थी, तब से यह दक्षिणी दिल्ली में 100 से अधिक लक्ज़री प्रोजेक्ट्स विकसित एवं डिलीवर कर चुकी है।

