हरियाणा सरकार ने मिडडे-मील योजना के बजट में की 58 फीसदी की बढ़ोतरी

 

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के 14 हजार 409 प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिडडे मील उपलब्ध कराने के लिए इस वित्तीय मिश्रा बजट में लगभग 58 प्रतिशत की वृद्धि की है। पिछले साल के 384 करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले चालू वर्ष के दौरान 661 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्य सचिव संजीव कौशल गुरुवार को चंडीगढ़ में मिडडे-मील योजना के लिए राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। कौशल ने अधिकारियों निर्देश दिए कि भोजन में अतिरिक्त पोषण मानदंड बढ़ाने के संबंध में विभिन्न खण्डों में अध्ययन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने और भोजन के पोषण मानकों को पूरा करने के अलावा इसे स्वच्छ परिस्थितियों में पकाने के लिए भी निर्देश दिेए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को छात्रों को भोजन उपलब्ध कराने की समय-सारिणी निश्चित करने के निर्देश दिये ताकि भोजन की गुणवत्ता की जांच और निरीक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रदान किए जाने वाले भोजन में फोर्टिफाइड आटा, चावल और बाजरा पर आधारित विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ शामिल हैं। बैठक में बताया गया कि कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में कम से कम तीन दिन मिडडे-मील के साथ 200 एमएल 5 फ्लेवर्ड फोर्टिफाइड दूध भी उपलब्ध कराया जाता है। कौशल ने अधिकारियों को मिडडे-मील में और अधिक प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की योजना को शामिल करने के निर्देश दिए।
बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ जी अनुपमा, उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजेंद्र कुमार और निदेशक, मौलिक शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव विरेंद्र दहिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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