नई दिल्ली / टीम डिजिटल। हरियाणा के खिलाडी सरकार के खेल विभाग के रवैये से अपमानित महसूस कर रहे हैं । दो दो बार सम्मान समारोह रख कर स्थगित कर दिया गया । यह अपमान नहीं तो क्या है ? पूरी राशि नहीं दी जा रही । यह कोई सम्मान है ? खिलाडियों को अब सम्मान समारोह में न बुला कर उनके अकांउट में राशि भेजी जा रही है और उसमें कटौती की जा रही है । पहले तो सम्मान समारोह स्थगित और ऊपर से सम्मान राशि में कटौती । यह कहां का और कैसा सम्मान ?
आज तो बजरंग पूनिया , बबिता फौगाट और योगेश्वर दत्त शर्मा सबने हरियाणा सरकार की खिलाडियों का अपमान करने की कडी खबर ली है और आलोचना की है । खिलाडायों का कहना है कि सरकार सम्मान दे या न लेकिन अपमानित तो न करे । नवीन जयहिंद जो आप के हरियाणा में प्रमुख हैं वे कहते हैं कि खिलाडियों का अपमान करने की अनाल विज ने ट्रेनिंग ले रखी है । अनिल विज ने ही यह राशि काटने के आदेश दिए हैं । जजपा के दुष्यंत चौटाला का कहना है कि यह बडे दुख की बात हे कि मुख्यमंत्री के पास खिलाडियों को सम्मानित करने का वक्त ही नहीं है जबकि कार्यकरत्ताओं को सम्मानित करने आधी रात को भी पहुंच जाते हैं । सरकार नांच साल में खिलाडियों के लिए समय नहीं निकाल पाई ।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कहते हैं कि भाजपा ने सत्ता में आने के बाद से कभी खिलाडियों को सम्मानित ही नहीं किया । राजनैतिक दुर्भावना के चलते खेल नीति को बदल दिया गया । खिलाडी तो प्रदेश के होते हैं । राजनीति से उन्हें न जोडिए । राजकुमार सैनी कहते हैं कि खिलाडी देश का गौरव होते हैं ।खैर । सरकार । चौनाव सिर पर हैं और आपको हर वर्ग की चिंता है लेकिन खिलाडियों की घोर उपेक्षा करना बहुत सयाना कदम नहीं । जरा सोचिए ।

