आगरा। सहज मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन, आगरा ने “लखपति दीदी सम्मान समारोह” आयोजित किया, जिसमें उन महिला डेयरी किसानों को सम्मानित किया गया जिन्होंने संगठन से जुड़कर दूध बिक्री से एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की। यह समारोह ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और संगठित डेयरी खेती की ताकत का उदाहरण बना।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) मिल्क डिलीवरी वैन का शुभारंभ रहा। इसे केंद्रीय मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर एनडीडीबी और एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह, प्रबंध निदेशक डॉ. सी. पी. देवानंद और सहज की निदेशक श्रीमती उमा भदौरिया भी मौजूद रहीं।
श्री बघेल ने कहा कि पशुपालन, कृषि अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है और सहकारिता मॉडल के माध्यम से इसे और सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने सहज को महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए गोबर गैस संयंत्र और उन्नत नस्लों के संवर्धन की जरूरत पर बल दिया।
डॉ. शाह ने कहा कि सहज की सफलता में महिलाओं की भूमिका निर्णायक है। उनकी मेहनत ने न सिर्फ परिवारों की आय बढ़ाई है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। उन्होंने जानकारी दी कि संगठन हर साल करीब 50 करोड़ रुपये बचा रहा है और जल्द ही आगरा में 5 लाख लीटर क्षमता का नया डेयरी प्लांट स्थापित किया जाएगा।
ईवी मिल्क वैन की शुरुआत को डेयरी सप्लाई चेन में सतत प्रथाओं की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। ये वैन पेट्रोल-डीजल की खपत घटाकर पर्यावरण संरक्षण और भारत के जलवायु लक्ष्यों में योगदान देंगी।
लखपति दीदियों का सम्मान और ईवी वैन का शुभारंभ—दोनों ने यह संदेश दिया कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और हरित तकनीक अपनाना, सहज के काम की बुनियाद है। महिलाओं की सफलता की कहानियाँ आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की प्रेरणा देती हैं, जबकि ग्रीन लॉजिस्टिक्स की पहल डेयरी क्षेत्र को टिकाऊ भविष्य की ओर ले जाती है।

