मुंबई। भारत के पहले म्यूजिक लाइसेंसिंग प्लेटफॉर्म Hoopr ने IPRS (Indian Performing Rights Society) के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य डिजिटल कंटेंट में इस्तेमाल हो रहे म्यूजिक के लिए कलाकारों, राइट्स होल्डर्स और पब्लिशर्स को पारदर्शी और समय पर रॉयल्टी भुगतान सुनिश्चित करना है। Hoopr का microsync licensing प्लेटफॉर्म – hooprsmash.com, अब 18,500 से अधिक ट्रैक्स होस्ट करता है। इस साझेदारी से IPRS के 18,000+ सदस्य तेजी से बढ़ती डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कमाई का एक नया स्रोत पा सकेंगे। IPRS के CEO राकेश निगम ने कहा, “यह साझेदारी ब्रांड्स को वैध रूप से संगीत उपयोग का मौका देती है और क्रिएटर्स को आर्थिक लाभ भी।” Hoopr के CEO गौरव डगाओंकर ने इसे “म्यूजिक इंडस्ट्री में बहुप्रतीक्षित संरचनात्मक सुधार” बताया।
यह कदम भारत में रॉयल्टी लॉस को कम करने और कलाकारों को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

