रणवीर सिंह
नई दिल्ली। कजाखस्तान के शिमकेंट में आयोजित 16वीं एशियन शूटिंग चैंपियनशिप (ऑल इवेंट्स) का समापन भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ हुआ। 12 दिनों तक चले मुकाबलों में भारतीय निशानेबाजों ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 50 स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। यह एशियाई चैंपियनशिप के इतिहास में भारत की पहली नंबर-वन फिनिश है।
भारत ने कुल 99 पदक जीते – 50 स्वर्ण, 26 रजत और 23 कांस्य। मेजबान कजाखस्तान 70 पदक (21 स्वर्ण) के साथ दूसरे और दिग्गज चीन 37 पदक (15 स्वर्ण) के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
ओलंपिक इवेंट्स में दमदार प्रदर्शन
सीनियर टीम ने रायफल, पिस्टल और शॉटगन के 15 ओलंपिक इवेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय निशानेबाजों ने यहां 6 स्वर्ण, 2 रजत और 3 कांस्य जीते। चीन ने सबसे ज्यादा 8 स्वर्ण जीते, जबकि मेजबान कजाखस्तान को 1 स्वर्ण मिला।
सितारों की चमक
एलेवेनिल वालारिवन ने महिलाओं की एयर राइफल में एशियाई रिकॉर्ड के साथ अपना दूसरा खिताब जीता। उन्होंने अर्जुन बाबूता के साथ मिक्स टीम इवेंट में भी स्वर्ण हासिल किया।
नीरू धांडा ने महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में भारत के लिए पहला एशियन गोल्ड जीता।
सिफ्त कौर समरा ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन (3P) में अपना पहला एशियन खिताब जीता।
ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने पुरुषों की 3P स्पर्धा में अपने खिताब का सफल बचाव किया।
जूनियर्स का दबदबा
भारतीय जूनियर निशानेबाजों ने सभी ओलंपिक इवेंट्स पर कब्जा जमाते हुए 10 स्वर्ण के साथ 4 रजत और 4 कांस्य भी जीते। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय शूटिंग का भविष्य बेहद मजबूत है।
अन्य शानदार जीतें
पूर्व विश्व चैंपियन अंकुर मित्तल ने पुरुषों की डबल ट्रैप स्पर्धा में 107 के वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण जीता।
रियो ओलंपियन गुरप्रीत सिंह ने पुरुषों की 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल में स्वर्ण पदक हासिल किया।
NRAI अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
भारतीय निशानेबाजों के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए राष्ट्रीय रायफल संघ (NRAI) के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव ने कहा,
“यह शानदार उपलब्धि है। पेरिस ओलंपिक के प्रदर्शन के बाद से भारतीय शूटिंग का आत्मविश्वास नई ऊंचाइयों पर है। खासकर जूनियर खिलाड़ियों का दबदबा बताता है कि आने वाले वर्षों में भारत और बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा।”

