भारत ने एयर राइफल में दो मिश्रित टीम स्वर्ण जीते, शीर्ष पर बढ़त बनाई

रणवीर सिंह

नई दिल्ली। एलावेनिल वलारिवन, शांभवी क्षीरसागर और नारायण प्रणव ने अपने-अपने दूसरे स्वर्ण पदक जीते, भारत ने सीनियर और जूनियर दोनों 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धाओं में जीत हासिल की। इसके साथ ही शिमकेंट, कज़ाखस्तान में चल रही 16वीं एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में भारत का स्वर्ण पदक आंकड़ा 22 हो गया।

एला (316.3) और अर्जुन (317.7) ने मिलकर क्वालिफिकेशन में 634.0 स्कोर किया और ओलंपिक इवेंट में 27 टीमों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि भारत की दूसरी जोड़ी मेहुली घोष (317.7) और रुद्रांक्क्ष पाटिल (314.9) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 632.6 अंक बनाए और लीडरबोर्ड पर दूसरा स्थान हासिल किया। हालांकि, टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार, मेहुली और रुद्रांक्क्ष को पदक मुकाबले से बाहर रहना पड़ा क्योंकि एला और अर्जुन ने चीनी जोड़ी पेंग शिनलू और लू डिंगके (632.3) के साथ स्वर्ण पदक मुकाबले की पात्रता हासिल की थी। भारतीयों ने 16 अंकों की दौड़ में जोरदार शुरुआत की, लेकिन चीनी खिलाड़ी भी तुरंत वापसी करते दिखे और 10वीं सीरीज़ तक स्कोर बराबर रहा।

11वीं सीरीज़ जीतकर भारतीयों ने 13-9 की बढ़त बनाई, जिसके बाद चीनी टीम ने टाइम आउट लिया और वापसी करते हुए दो बेहतरीन शॉट्स के साथ स्कोर 13-11 कर दिया। हालांकि, भारतीय खिलाड़ियों ने इसके बाद 10.5 से नीचे कोई स्कोर नहीं किया और अगले दो राउंड जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

एयर राइफल मिश्रित टीम जूनियर स्पर्धा में नारायण प्रणव और शांभवी क्षीरसागर ने क्वालिफिकेशन में 629.5 स्कोर कर तीसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया। उनके साथी ईशा टकसाले और हिमांशु ने 628.6 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए पदक मुकाबले से चूक गए। फाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना एक और चीनी जोड़ी, तांग हुईकी और हान यिनान से हुआ। शुरुआती नौ सीरीज़ तक मुकाबला 9-9 से बराबरी पर रहा।

इसके बाद भारतीयों ने लगातार उच्च स्कोरिंग शॉट्स के साथ छह अंकों की बढ़त बनाई और अंत में 14वीं और अंतिम सीरीज़ को बराबरी पर समाप्त कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

भारत ने दिन का अंत 22 स्वर्ण, आठ रजत और 10 कांस्य पदकों के साथ किया और कुल 40 पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर बना रहा। जहां सीनियर खिलाड़ियों ने अब तक चार स्वर्ण, एक रजत और पांच कांस्य पदक जीते हैं, वहीं बाकी पदक जूनियर और युवा निशानेबाजों से आए हैं।

 

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