रणवीर सिंह
ग्रेनाडा (स्पेन): अंतरराष्ट्रीय राइफल/पिस्टल सीजन की शुरुआत आज आईएसएसएफ राइफल/पिस्टल वर्ल्ड कप के साथ हो रही है, जहां मिश्रित टीम स्पर्धाएं लास गाबियास शूटिंग रेंज पर आयोजित की जा रही हैं। भारतीय निशानेबाज इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मजबूत शुरुआत करने के इरादे से उतर रहे हैं। 10 मीटर एयर राइफल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम के पदकों का फैसला आज ही होगा।
प्रतियोगिता की शुरुआत 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम के क्वालिफिकेशन से भारतीय समयानुसार दोपहर 12:45 बजे होगी, जबकि इसका फाइनल शाम 4:30 बजे खेला जाएगा। वहीं, 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम का क्वालिफिकेशन 3:45 बजे और फाइनल 7:30 बजे निर्धारित है।
पिस्टल स्पर्धा में एशियाई खेलों की मौजूदा चैंपियन पालक गुलिया, 2024 के 25 मीटर पिस्टल जूनियर विश्व चैंपियन मुकेश नेलावल्लि के साथ जोड़ी बनाकर उतरेंगी। वहीं 2025 वर्ल्ड कप फाइनल की रजत पदक विजेता सैन्यम, उज्जवल मलिक के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगी।
भारतीय जोड़ी का मुकाबला दुनिया के शीर्ष निशानेबाजों से होगा, जिनमें मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैंपियन शामिल हैं। चीन, जिसने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं लिया था, इस बार दो बेहद मजबूत जोड़ियों के साथ मैदान में है। मौजूदा विश्व चैंपियन हू काई और याओ कियानशुन के साथ-साथ पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शिए यू और युवा निशानेबाज शेन यियाओ भारतीय चुनौती के सामने बड़ी बाधा साबित हो सकते हैं।
अन्य प्रमुख जोड़ियों में तुर्की के सेवल इलायदा तरहान और यूसुफ डिकेच, सर्बिया के जोराना अरुनोविच और दामिर मिकेक, हंगरी के वेरोनिका मेजर और आकोश कारोली नागी तथा जर्मनी के क्रिश्चियन रिट्ज और स्वेन्या बर्गे शामिल हैं।
10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भारत की ओर से सोनम उत्तम मस्कर और गजानन शाहदेव खंडागले की जोड़ी के साथ श्रुति और अर्शदीप सिंह की जोड़ी मैदान में उतरेगी। इन युवा खिलाड़ियों को चीन के विश्व नंबर-1 और मौजूदा विश्व चैंपियन शेंग लिहाओ और वांग जिफेई की जोड़ी से कड़ी चुनौती मिलेगी। इसके अलावा चीन की दूसरी जोड़ी मा सिहान और झांग कियानयिंग भी खिताब की प्रबल दावेदार है।
प्रतियोगिता में नॉर्वे के जेनेट हेग डुएस्टाड और जॉन-हर्मन हेग, जर्मनी के मौजूदा विश्व चैंपियन मैक्सिमिलियन डालिंगर और हन्ना स्टेफेन-डिक्स, तथा हंगरी के इस्तवान पेनी और एस्टर डेनेस जैसी मजबूत जोड़ियां भी पदक की दौड़ में शामिल हैं।
चयन नीति के अनुसार भारत ने घरेलू राष्ट्रीय रैंकिंग में चौथे से छठे स्थान तक के निशानेबाजों को इस प्रतियोगिता में मौका दिया है। साल के अंत में दोहा में होने वाली विश्व चैंपियनशिप, जो लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए पहले कोटा स्थान प्रदान करेगी, को ध्यान में रखते हुए यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों के लिए अपनी तैयारियों को परखने का महत्वपूर्ण अवसर है। साथ ही, भारत के लिए यह अपनी प्रतिभा की गहराई को आंकने और आगामी एशियाई खेलों की तैयारी का भी अहम मंच है।

