नई दिल्ली। स्वास्थ्य और स्वच्छता कंपनी रेकिट बेंकाइजर ने ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के सहयोग से अपने डेटॉल बनेगा स्वच्छ इंडिया हैंडवाश डिजिटल पाठ्यक्रम को शुरू कर सफाई और स्वच्छता के क्षेत्र में परिवर्तनकारी बदलाव लाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाया है। अपनी यात्रा के दौरान, डेटॉल बीएसआई अभियान ने पांच महत्वपूर्ण स्तंभों के तहत सफाई और स्वच्छता के मुद्दों को उठाया है। इस स्तंभों में शामिल हैं भारत को खुले में शौच मुक्त बनाना, नियमित हाथ धोने की आदत को बढ़ावा देना, सांस लेने वाली हवा को साफ रखने में मदद के लिए पौधरोपण अभियानों को प्रोत्साहित करना, अपने आसपास के दस गज क्षेत्र को साफ और स्वच्छ रखना, जो हमारे भविष्य और प्रगतिशील राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण है।
इस कार्यक्रम में ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के मुख्य इमाम डाॅ. इमाम उमर अहमद इलयासी मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन और डेटॉल बनेगा स्वच्छ इंडिया के बीच भागीदारी की खबर को साझा करते मैं बहुत खुश हूं। इस तरह की पहली भागीदारी के रूप में, हम भारत में सभी मदरसों में पढ़ाए जाने वाले शैक्षणिक पाठ्यक्रम में डेटॉल बीएसआई हैंडवाश डिजिटल पाठ्यक्रम को शामिल करेंगे। हम इस पहल को अफ्रीका, मिडल ईस्ट, साउथ एशिया के अन्य देशों में भी लेकर जाएंगे और इसे एक वैश्विक कार्यक्रम का रूप देंगे। बच्चे समाज के बदलाव के कारक हैं और यह कदम एनिमिटेड वीडियो जैसे मल्टी-मीडिया टूल्स और गतिविधियों के माध्यम से इन बच्चों में सीखने की आदत डालने के लिए प्रेरित करने को सुनिश्चित करेगा, जो उन्हें अन्य को प्रभावित करने वालों और भविष्य के राष्ट्र निर्माता में परिवर्तित करेगा।
इसके अलावा अन्य गणमान्य अतिथियों के रूप में दारुल उलूम देवबंद के मोहातमीम मुफ्ती वलीउल्लाह कासमी, शिया मौलाना अलामा कल्बे रुशैद रिज्वी, शिया आलीमेयदीन, जामिया इस्लामिया अनवारुल उलूम के ग्रांड मुफ्ती असद कासमी अल आज्मी मोहातमिम, अलामी तबलिग ए जमात के मौलाना मेरजुल हसन नादवी कांधलवी, हरियाणा के इमाम मौलाना अश्गर अली कासमी शाही और इंडिया इस्लामिक सेंटर के चेयरमैन अलि जनाब सिराजुद्दीन कुरैशी उपस्थित थे।
बता दें कि अभियान गतिविधियों के एक हिस्से के रूप में डेटॉल बीएसआई ने भारत के विभिन्न राज्यों में पांच साल की अवधि के दौरान 550000 से अधिक मदरसों में करीब 6 करोड़ बच्चों को जागरूक करने के लिए अपने सफाई और स्वच्छता पाठ्यक्रम का विस्तार करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, पाठ्यक्रम की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए मदरसों के शिक्षकों को प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए भी उचित प्रयास किए जाएंगे। इस भागीदारी पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डेटाॅल हेल्थ इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव जैन ने कहा कि पिछले चार सालों में व्यवहार परिवर्तन से डेटॉल बीएसआई ने जिस तरह पूरे भारत में लोगों के बीच सफाई और स्वच्छता की आदतों पर गहरा असर डाला है, उस पर हमें गर्व है। अब अपने पांचवें वर्ष में, हम सामूहिक सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से व्यवहार बदलाव अभियान पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, खराब स्वच्छता को पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत का प्रमुख कारण माना जाता है।

