नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक और शानदार जीत है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति एक संवैधानिक पद होता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, उनके काम और नाम के साथ-साथ एनडीए के योग्य उम्मीदवार के कारण अपेक्षा से अधिक वोट मिले। इससे यह साफ हो गया है कि विपक्ष की रणनीति पूरी तरह विफल रही है। राय ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष केवल झगड़े और अनावश्यक विवाद पैदा करने के लिए अपनी ताकत और बुद्धि लगाता है।
राजद नेता तेजस्वी यादव की ‘माई-बहन मान योजना’ और नौकरी के नाम पर फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया पर भी नित्यानंद राय ने करारा हमला बोला। उन्होंने कहा, “राजद, कांग्रेस और उनके घमंडिया गठबंधन का इतिहास रहा है कि वे सिर्फ भ्रम फैलाते हैं और झूठ का प्रचार करते हैं। 15 वर्षों तक जब महागठबंधन की सरकार रही, तब न तेजस्वी यादव और न ही उनके माता-पिता ने बिहार के लिए कुछ किया। अब जबकि सरकार बनी भी नहीं है और बनने वाली भी नहीं है, वे धोखे से फॉर्म भरवाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। लेकिन हमारी माताएं-बहनें मोदी जी के विकास, सम्मान और सेवा पर भरोसा करती हैं।”
नित्यानंद राय ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गांवों में कहावत है – “चोर को चोर से सबसे बड़ा प्रेम होता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष में वही लोग शामिल हैं जिन्होंने गरीबों का हक छीना और घोटाले किए। “चारा घोटाला, अलकतरा घोटाला और दूध घोटाला करने वाले लोग ही अब जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। यह उनका संस्कार है कि बोलते कुछ और हैं और करते कुछ और हैं,” राय ने कहा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार और देश की जनता विकास चाहती है। गांव-गांव बिजली और सड़क पहुंच चुकी है, रेलवे स्टेशन आधुनिक हो रहे हैं और गरीबों के घरों में खुशियां आ रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितंबर को पूर्णिया की धरती पर आने वाले हैं और अब तक 14 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश बिहार के विकास के लिए किया जा चुका है।

