नई दिल्ली। ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव Odisha Parba 2026 का शुक्रवार को Jawaharlal Nehru Stadium Delhi में भव्य शुभारंभ हुआ। ओडिया समाज द्वारा आयोजित यह उत्सव 15 मार्च तक चलेगा और इसमें ओडिशा की परंपराओं, कला और खान-पान की विविध झलक देखने को मिल रही है।
इस पर्व का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Gajendra Singh Shekhawat और दिल्ली के गृह मंत्री Ashish Sood ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ओडिया समुदाय के लोग और राजधानी के नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ओडिशा पर्व केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले ओडिया समुदाय की पहचान और गौरव का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह ऐसा मंच है, जहां देशभर के ओडिया भाई-बहन एकत्र होकर अपनी संस्कृति, परंपराओं और विरासत को साझा करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में यह उत्सव एक क्षेत्रीय आयोजन से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर का मंच बन चुका है।
प्रधान ने यह भी कहा कि आने वाला दशक ओडिशा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य 2036 में अपने गठन के 100 वर्ष पूरे करेगा। उन्होंने कहा कि यदि राज्य के लगभग 4.5 करोड़ लोग सामूहिक संकल्प लें, तो ओडिशा एक विकसित और सशक्त राज्य के रूप में उभर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने में ओडिशा जैसे राज्यों की प्रगति अहम भूमिका निभाएगी।
ମୁଁ ‘ଓଡ଼ିଆ ସମାଜ’କୁ ଏହି ସୁନ୍ଦର ଆୟୋଜନ ପାଇଁ ଧନ୍ୟବାଦ ଜଣାଉଛି, ଯାହା ଆଜି ଏକ ଜାତୀୟ ଆନ୍ଦୋଳନରେ ପରିଣତ ହୋଇ ‘ଏକ ଭାରତ ଶ୍ରେଷ୍ଠ ଭାରତ’ର ସଂକଳ୍ପକୁ ଦୃଢ଼ୀଭୂତ କରୁଛି । ଦିଲ୍ଲୀରେ ରହୁଥିବା ସମସ୍ତ ଜନସାଧାରଣ ବିଶେଷ ଭାବରେ ମୋର ପ୍ରବାସୀ ଓଡ଼ିଆ ଭାଇଭଉଣୀମାନଙ୍କୁ ଏହି ପର୍ବକୁ ଆସି ଓଡ଼ିଶାର କଳା, ସଂସ୍କୃତି ଓ ପ୍ରକୃତିର ଅପୂର୍ବ… pic.twitter.com/j5isW3jIX9
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) March 13, 2026
इस अवसर पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह उत्सव भारत की सभ्यतागत संस्कृति की गहराई और निरंतरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की शाश्वत और एकीकृत सभ्यता की झलक है। ऐसे उत्सव उस राष्ट्र की कहानी बताते हैं जिसने हजारों वर्षों से विविधता को अपनाया, परंपराओं को संजोया और कला रूपों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाया है।
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने भी राष्ट्र निर्माण में संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र केवल अपनी सीमाओं से नहीं बनता, बल्कि उसकी पहचान उसकी संस्कृति और परंपराओं से होती है। उन्होंने Mahatma Gandhi के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी राष्ट्र की संस्कृति उसके लोगों के दिलों और आत्मा में बसती है और यहां उपस्थित हर व्यक्ति उसी जीवंत संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है।
सूद ने बताया कि 2017 में धर्मेंद्र प्रधान के मार्गदर्शन में शुरू हुआ ओडिशा पर्व आज दिल्ली के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल हो चुका है और यह ओडिशा तथा राष्ट्रीय राजधानी के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।
इस आयोजन में सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ ओडिशा के पारंपरिक व्यंजनों की भी विशेष झलक देखने को मिल रही है। विभिन्न फूड स्टॉल पर क्षेत्रीय पकवान शहरवासियों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके साथ ही कार्यक्रम में Chhau Dance, Bagha Nacha और Sambalpuri Dance सहित शास्त्रीय, लोक और जनजातीय नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दर्शकों को ओडिशा की जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू करा रही हैं।

