नई दिल्ली।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दिल्ली ने वंदे मातरम् के 150वीं वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दिल्ली के विभिन्न शैक्षणिक परिसरों में 23 मार्च से 4 अप्रैल तक परिसर-परिसर वंदे मातरम अभियान चलाया जिसके अंतर्गत परिसरों में वंदे मातरम का सामूहिक गायन हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय(DSEU) सहित 117 शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ वंदे मातरम का गायन किया।
गौरतलब हो कि वंदे मातरम् की रचना साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 7 नवंबर 1875 को की गई थी। इस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों में स्वराज की भावना का प्रसार किया था। इस गीत ने न केवल जनमानस के भीतर देशभक्ति की भावना को जागृत किया, बल्कि अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष के लिए एकजुट होने का आह्वान भी किया। वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन का एक शक्तिशाली प्रतीक बनकर उभरा, जिसने लाखों भारतीयों को देश के लिए समर्पित होने के लिए प्रेरित किया। 7 नवंबर 2025 को वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण हुए इसके बाद विद्यार्थी परिषद ने देशभर के शैक्षणिक परिसरों में परिसर परिसर वंदे मातरम मुहीम की शुरुआत की है।
अभाविप दिल्ली के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है। इसके माध्यम से हम युवा पीढ़ी के भीतर राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज के युवाओं को अपने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है, और ऐसे आयोजन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वंदे मातरम को आज तक जो सम्मान नहीं मिला है उसे सम्मान दिलाने का काम विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता करेंगे।

