प्रैट एंड व्हिटनी ने अजय श्रुति को बनाया भारत में उपभोक्‍ता प्रशिक्षण केंद्र का प्रमुख


नई दिल्ली। आरटीएक्‍स उद्यम प्रैट एंड व्हिटनी ने हैदराबाद में अपने भारत उपभोक्‍ता प्रशिक्षण केंद्र (आईसीटीसी) के प्रमुख के रूप में अजय श्रुति को नियुक्‍त करने की घोषणा की है। अजय के पास विमानन उद्योग में 27 वर्ष से अधिक का अनुभव है, उन्‍होंने अपने व्‍यापक कैरियर के दौरान विभिन्‍न एयरलाइंस और मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के साथ काम किया है। अपनी नई भूमिका में, अजय श्रुति हैदराबाद में प्रैट एंड व्हिटनी के आईसीटीसी का नेतृत्‍व करेंगे, जो ग्राहकों को उच्‍च गुणवत्‍ता वाला प्रशिक्षण उपलब्‍ध कराने पर ध्‍यान केंद्रित करेगा और फील्‍ड सपोर्ट प्रदान करने के लिए नए अवसरों को विकसित करेगा। 2015 में स्‍थापित भारत ग्राहक प्रशिक्षण केंद्र, भारत में प्रैट एंड व्हिटनी का प्रमुख निवेश है, और दुनिया में तीन ऐसे प्रशिक्षण केंद्रों में से एक है। ये अत्‍याधुनिक केंद्र 27 से अधिक देशों के ग्राहकों को प्रैट एंड व्हिटनी के इंजन पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान करता है।

 

 

भारत ग्राहक प्रशिक्षण केंद्र प्रैट एंड व्हिटनी का दुनियाभर में तीसरी प्रशिक्षण सुविधा है, इसके अलावा बीजिंग में कस्‍टमर ट्रेनिंग सेंटर और ईस्‍ट हार्टफोर्ड, कनेक्टिकट, अमेरिका में कस्‍टमर ट्रेनिंग सेंटर है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी सहित विमानन नियामकों द्वारा अनुमोदित, यह एयरलाइन एयरलाइन इंजीनियरों और तकनीशियनों को एयरबस ए320 परिवार के विमानों के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान करता है। इस केंद्र ने 27 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्‍व करने वाले 39 से अधिक ऑपरेटर्स के लिए प्रशिक्षण के लगभग 12,000 छात्र दिन पूरे कर लिए हैं – और यह संख्‍या लगातार बढ़ रही है।

 

 

इस नियुक्‍ति पर बोलते हुए, अश्मिता सेठी, प्रेसिडेंट और कंट्री हेड, प्रैट एंड व्हिटनी, इंडिया (यूटीसीआईपीएल) ने कहा, “भारत में ग्राहक प्रशिक्षण केंद्र ने वैश्विक ग्राहकों को हमारे उन्‍नत जीटीएफ और वी2500 इंजन पर प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ये केंद्र स्‍थानीय सरकारों, विश्‍वविद्यालयों, और उभरती प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ हमारी सहभागिता को बढ़ाने में भी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहा है- इसमें हाल ही में लॉन्‍च किया गया हमारा परसेप्‍ट एआई-आधारित विमान इंजन निरीक्षण टूल भी शामिल है। हमें पूरा विश्‍वास है कि अजय, अपने व्‍यापक अनुभव के साथ, न केवल आईसीटीसी के कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएंगे, बल्कि नवाचार की संस्‍कृति को भी आगे बढ़ाएंगे।”

नियुक्ति पर अजय श्रुति ने कहा, “हमारे इंजनों द्वारा संचालित विमानों के लिए सफल एंट्री-इन-सर्विस (ईआईएस) प्रशिक्षित तकनीशियनों और इंजीनियरों की उपलब्‍धता पर बहुत अधिक निर्भर है, जो विमानों की सही देखरेख कर सकते हैं। यही वो वजह है जो आईसीटीसी को एविएशन ईकोसिस्‍टम के लिए महत्‍वपूर्ण बनाता है। मैं भारत और दुनिया भर में अपने ग्राहकों के साथ इन इंजनों पर काम करने के लिए उत्‍सुक हूं, जो उड़ान के भविष्‍य को आगे लेकर जाएंगे।”

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