दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर के सामने गढ़ी मेन बाजार में आज एक अनुपम चलचित्र का प्रदर्शन सार्वजनिक रूप से किया गया।
वीर बाल दिवस के पावन अवसर पर साहिबज़ादे नामक फिल्म के प्रदर्शन को देखकर दर्शक न सिर्फ अभिभूत थे अपितु महान् वीर बालकों की कर्तव्य परायणता, वीरता, धर्मनिष्ठा और समर्पण के भाव से कृतज्ञता का अनुभव कर रहे थे।
इस अवसर पर उपस्थित विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री विनोद बंसल ने कहा कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, प्रेरणा है, शक्ति है और राष्ट्र धर्म के प्रति सच्ची भक्ति जिसने संपूर्ण भारत के लिए एक अनुपम संदेश दिया है। इस अमर गाथा ने यह भी साबित किया है कि सत्य, धर्म, राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए न कोई आयु होती है ना समय, ना कोई परिस्थितियों की जरूरत होती है और ना संसाधनों की। कर्मठता, कर्तव्य परायणता और पूर्वजों की शिक्षा के साथ राष्ट्रीय जीवन मूल्यों के प्रति निष्ठा का भाव ही व्यक्ति को विजयी बनाता है। उन्होंने कहा कि फिल्म को भारत के प्रत्येक बच्चे वृद्ध महिला व पुरुष को अवश्य देखना चाहिए और इसका जितना प्रचार हो सके उतना करना चाहिए। वास्तव में यदि इन साहिबजादों और उनकी तीन पीढियों ने अपना सर्वस्व बलिदान न किया होता तो शायद संपूर्ण भारत के 140 करोड़ देशवासी कहीं ना कहीं इस्लामी कट्टरता के चंगुल में ही होते।
भाजपा कार्यकर्ता श्री हरजिंदर सिंह सोढ़ी द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में पूर्व सांसद श्री रमेश विधूड़ी, भाजपा नेता श्री श्याम जाजू, श्री बलराम बिंदल, हैप्पी व श्री सुनील वशिष्ठ स्थानीय निगम पार्षद श्रीमती अंजुम मंडल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्री दयानंद तथा विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष श्री करण कपूर व आर्य समाज संत नगर से वैदिक विदुषी श्रीमती विमलेश आर्या के अलावा अनेक धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। स्थानीय आरडब्ल्यूए, व्यापार मंडल और महिला संगठनों के प्रतिनिधि भी दर्शक दीर्घा में बड़े ही ध्यान से फिल्म को देख रहे थे। फिल्म के बाद लंगर का आयोजन भी किया गया।

