मुंबई: सोनी सब का शो पुष्पा इम्पॉसिबल दर्शकों के दिलों में खास जगह बना चुका है, जिसमें पुष्पा (करुणा पांडे) के रूप में एक आम मगर असाधारण महिला की कहानी दिखाई जाती है, जो हर मुश्किल का डटकर सामना करती है। यह शो दिखाता है कि कैसे एक गृहिणी अपने मजबूती भरे इरादों के साथ ज़िंदगी की ठोकरों को खुद पर हावी नहीं होने देती और आगे बढ़ते हुए एक एडवोकेट के रूप में न्याय की लड़ाई लड़ती है।
आने वाले एपिसोड्स में, हाल ही में एक इलाके से बड़ी संख्या में मरीजों के सामने आने वाली घटना की सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश में जुटी पुष्पा की जांच खतरनाक मोड़ ले लेती है, जब उसे पीछे हटाने के मकसद से गंभीर धमकी दी जाती है। इसके बावजूद पुष्पा हिम्मत नहीं हारती और पत्रकारों से मिलती है, पीआईएल दायर करती है और नए सुरागों के पीछे लग जाती है। इसी बीच पुष्पा की बेटी राशि (अक्षया हिंदळकर) का मंगेतर ऋषभ (श्रेय मराड़िया) दोनों परिवारों के लिए डिनर और मुलाक़ात का कार्यक्रम रखता है। जांच में उलझी होने की वजह से पुष्पा देर से पहुंचती है और लौटने पर सबसे पहले उसे ऋषभ की मां के तानों का सामना करना पड़ता है। इसके बाद उसे “हमारा परिवार 8 बजे के बाद नहीं खाता” कहकर खाना खाने से भी मना कर दिया जाता है। लेकिन पुष्पा को सबसे ज़्यादा विचलित कर देता है ऋषभ का अचानक गुस्सा और उसका अनियंत्रित व्यवहार। उसका ये रूप देखकर पुष्पा राशि के भविष्य को लेकर भीतर तक हिल जाती है, खासकर तब जब वो देखती है कि राशि पूरी कोशिश कर रही है कि वो इस परिवार को खुश कर सके और खुद को इनके मुताबिक ढाल सके।
इन संकेतों से पुष्पा के मन में गहरी चिंता घर करने लगती है — क्या राशि सच में ऐसे परिवार में खुद को ढाल पाएगी, जहां शुरू से ही इतना परेशान करने वाला व्यवहार नज़र आ रहा है?
पुष्पा की भूमिका निभा रहीं करुणा पांडे कहती हैं, “ये दौर पुष्पा के लिए बेहद भावुक करने वाला है, क्योंकि जहां न्याय के लिए लड़ते हुए वो बिल्कुल निडर रहती है, वहीं ऋषभ और उसके परिवार में दिखते रेड फ्लैग्स उसे अंदर से हिला देते हैं। पुष्पा देखती है कि राशि कितनी लगन से उन्हें इंप्रेस करने की कोशिश कर रही है, लेकिन फिर भी वह सतह के नीचे छिपे कंट्रोल और गुस्से को महसूस कर पाती है। एक मां के रूप में ये चिंता उसके साथ हर समय बनी रहती है — उसे सच में फिक्र है कि क्या राशि ऐसे माहौल में खुद को एडजस्ट कर पाएगी और खुश रह पाएगी। मेरा मानना है कि दर्शक इस ट्रैक से बहुत गहराई से जुड़ेंगे, क्योंकि असल ज़िंदगी में भी अक्सर परिवार रिश्तों में शुरुआती चेतावनी संकेतों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।”

