पटना। बिहार की राजनीति में कुशवाहा वोट बैंक अभी सबसे वफादार माना जा रहा है यानी जो पार्टी या गठबंधन कुशवाहा को मान सम्मान देगी बिहार में कुशवाहा उसी की तरफ जाएगा हालांकि लोकसभा चुनाव के दौरान आरा बक्सर सासाराम औरंगाबाद जहानाबाद तथा उन सीटों पर जहां एनडीए ने कुशवाहा उम्मीदवार नहीं दिए थे पवन सिंह इफेक्ट के कारण कुशवाहा समुदाय ने महागठबंधन के पक्ष में ज्यादा वोट किया। महागठबंधन की तरफ से जीती हुई 10 सीटों में दो सीटों पर कुशवाहा चुनाव जीते औरंगाबाद से अभय कुशवाहा काराकाट से राजाराम कुशवाहा जबकि एनडीए की तरफ से सीवान और बाल्मीकि नगर सीट से कुशवाहा सांसद बने हैं। एनडीए के दोनों प्रमुख घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष भी कुशवाहा है भाजपा ने सम्राट चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही साथ उपमुख्यमंत्री बनाया है।
अब काराकाट से लोकसभा का चुनाव हारने वाले उपेंद्र कुशवाहा को एनडीए अपने कोटे से राज्यसभा भेज रहा है खबर है कि राज्यसभा के सदस्य बनने के बाद उपेंद्र कुशवाहा को केंद्र में मंत्री भी बनाया जाएगा। रामबली चंद्रवंशी के निलंबन के बाद खाली हुई विधान परिषद के सीट पर जनता दल यूनाइटेड ने भगवान सिंह कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है एनडीए किसी भी कीमत पर कुशवाहा वोट बैंक को अपने खेमे से दूसरे खेमे में नहीं जाने देना चाहता खबर है कि राजद भी किसी मजबूत कुशवाहा नेता को अपने प्रदेश अध्यक्ष के लिए तलाश रही है कई लोगों पर निगाहें हैं चार सांसद जीतने वाले राजद ने जदयू से ही आए औरंगाबाद के राजद सांसद अभय कुशवाहा को पार्टी के संसदीय दल का नेता बनाया है। बिहार में मुस्लिम यादव समीकरण के सामने नीतीश कुमार ने लव कुश समीकरण खड़ा किया था हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में उनका लव कुश समीकरण टूटा था इस बार एनडीए किसी भी कीमत पर अपने लव कुश समीकरण तथा अति पिछड़ा वर्ग को नाराज नहीं करना चाहता।

