नई दिल्ली / टीम डिजिटल। लालकिला ग्राउंड स्थित 15 अगस्त पार्क में विश्व प्रसिद्ध लवकुश रामलीला कमिटी द्वारा आयोजित किए जा रहे रामलीला के पांचवे दिन बृहस्पतिवार को लीला मंचन की शुरुआत गणेश वंदना एवं महालक्ष्मी अभिनय से हुई। इसके बाद लीला का मंचन शुरू हुआ, जिसके प्रथम चरण में रावण-मारीच के बीच संवाद देखने को मिला। दोनों के बीच उत्तेजना से भरे संवाद को सुन दर्शकों की भुजाएं भी फड़कनें लगी, लेकिन उसके बाद जैसे ही पंचवटी से रावण द्वारा सीता जी के हरण का प्रसंग आया, दर्शकों की आंखें स्वतः भीग गईं।
लीला के अलग-अलग किरदारों में रावण (अवतार गिल), अमित घनश्याम (नारद), विजेंद्र गुप्ता (अत्री ऋषि), गगन मलिक (रामचंद्र), मोहित (लक्ष्मण), मनीष चतुर्वेदी (शिव), अलका तिवारी (पार्वती), मनोज नरेंद्र दत्त (दशरथ), अंजना सिंह (सीता) आदि ने अपने-अपने किरदारों में अभिनय के इंद्रधनुषी रंग भरकर लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
सीता जी के हरण के बाद लंका की ओर प्रस्थान करने के दौरान रावण का मुकाबला जटायु से होता है, जिसमें रावण के हाथों जटायु बुरी तरह घायल हो जाता है। उसे श्रीराम के आगमन का इंतजार रहता है, ताकि वह रावध द्वारा सीता का हरएा कर ले जाने की सूचना दे सके। इसी बीच श्रीराम का आगमन होता है, जो सीता के वियोग में व्याकुल हैं। जटायु उन्हें रावण द्वारा सीता हरण की सूचना देता है और उसी के साथ श्रीराम के चरणों में अपने प्राण त्याग देता है।

