हिंदू पर्वों पर जिहादी हमलों की सूची जारी करते हुए विहिप की चेतावनी – हिंदुओं को जिहादियों की भाषा में उत्तर देने को विवश न किया जाए

नई दिल्ली।  होली के पावन पर्व पर तरुण खटीक की जेहादियों के बर्बर झुंड द्वारा की गई मॉब लिंचिंग की विश्व हिंदू परिषद ने कठोर शब्दों में निंदा की है। विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने आज कहा कि दिल्ली के उत्तम नगर में सात साल की मासूम बच्ची ने अपने ताऊजी पर पानी का गुब्बारा फेंका था, जिसके चंद छींटे वहां से गुजर रही एक मुस्लिम महिला के कपड़ों पर क्या गिरे, पहले तरुण के माता – पिता और ताऊ जी को निर्ममता से पीटा। फिर तरुण की तलवारों, पत्थरों व लाठियां से सरेआम नृशंस हत्या कर दी गई। क्या उस महिला को नहीं पता था कि होली रंगों का त्यौहार है और उसके छींटे किसी पर भी गिर सकते हैं!

उस महिला का होली पर बाहर निकलना और पानी के छींटे गिरते ही 25-30 जेहादियों की भीड़ का हथियारों के साथ तुरंत बाहर आकर हिंसा का नंगा नाच करना, महज संयोग नहीं हो सकता। अभी तक इस हत्याकांड की मुख्य षड्यंत्रकारी उस महिला को गिरफ्तार तक नहीं किया गया! उसे अविलंब गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ करनी चाहिए। देश भर में यह देखा गया है कि जिहादी अक्सर दंगाई महिलाओं और अवयस्कों को ही आगे करते हैं, जिससे वे कानूनी कार्यवाही से बच सकें। अब उनकी इस रणनीति पर भी रोक लगाने का समय आ गया है।

डॉ. जैन ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू त्योहारों व शोभा यात्राओं पर हमले तथा मॉब लिंचिंग कर हिंदुओं की हत्या करने का यह एकमात्र उदाहरण नहीं है। इसी वर्ष पावन होली पर हिंदुओं के खून से होली खेलने के लिए 11 से अधिक हमले किए गए। पिछले 10 वर्षों में केवल होली पर हमलों की 42 से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी है। होली ही नहीं, हिंदुओं का कोई भी पर्व ऐसा नहीं है, जिस पर जिहादी हिंदुओं पर हमले न करते हों। पिछले 10 वर्षों में हिंदुओं के त्योहारों पर 240 से अधिक बार प्राण घातक हमले किए गए, जिनमें कई हिंदुओं को घेर कर मारा गया। इनकी सूची इस विज्ञप्ति के साथ जारी की गई है, जो सिर्फ शिकायत की गई कतिपय घटनाओं पर आधारित है। वास्तविकता और भी भयावह है।

उन्होंने कहा कि जिहादियों में हिंदुओं के प्रति क्रूरता और घृणा बढ़ती जा रही है। उधर उत्तम नगर के हिंदू समाज की प्रतिक्रिया से भी इन्हें स्पष्ट हो गया होगा कि अब हिंदू समाज का आक्रोश भी बढ़ रहा है। वह सिर्फ कानूनी कार्यवाही की प्रतीक्षा में हाथ पर हाथ रखकर बैठने वाला नहीं है। रामास्वामी उदयार मामले में माननीय उच्च न्यायालय की यह टिप्पणी सबको स्मरण रखनी चाहिए कि अगर एक वर्ग हिंदुओं को अपने उत्सव व शोभा यात्राओं के आयोजन में बाधा डालता है, तो उस वर्ग को भी सोचना पड़ेगा कि वह वहां अपने धार्मिक आयोजन कैसे कर सकेगा जहां वह अल्पसंख्यक है।

विहिप मदनी, ओवैसी और वर्क जैसे कट्टरपंथियों और उनके साथ गठजोड़ करने वाले कथित सेक्युलर नेताओं को चेतावनी देती है कि वह हिंदू समाज को उस तरीके से जवाब देने के लिए मजबूर न करें, जिन तरीकों का उपयोग हिंदुओं के विरुद्ध हो रहा है।

छोटी छोटी बातों पर आसमान सर पर उठाने वाले राहुल गांधी समेत सभी नेता तरुण की निर्मम हत्या पर आज तक चुप हैं। इससे स्पष्ट होता है कि ये लोग इन सब हत्याकांडों को मौन समर्थन दे रहे हैं। जिहादी हिंसा के शिकार तरुण जैसे कई युवक अनुसूचित समाज से आते हैं। इस समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष का दिखावा करने वाले मीम-भीम वादी, सेक्युलर व भाईचारे की ढींग हांकने वाले नेताओं के होठ क्यों सिल जाते हैं, यह बहुत आश्चर्यजनक है।

विश्व हिंदू परिषद ने तरुण की मॉब लिंचिंग करने वाले कुछ हत्यारों पर की गई त्वरित कार्यवाही का स्वागत करते हुए कहा है कि मुख्य षड्यंत्रकारी महिला सहित कई अन्य अपराधी व षड्यंत्रकारियों पर सख्त कार्यवाही शेष है। विहिप की मांग है कि..
1. अपराधियों पर ऐसी सख्त कार्यवाही की जाए, जिससे शेष जेहादियों को ऐसी हरकत करने से पहले 10 बार सोचना पड़े।
2. जिहादियों को भड़काने वाले मुल्ले-मौलवियों पर भी सख्त कार्यवाही की आवश्यकता है। कट्टरपंथ और आतंकवाद के कारखाने बन चुके मदरसों पर पूर्ण और तत्काल प्रतिबंध की आवश्यकता है।
3. दिल्ली सहित सभी राज्य सरकारें ऐसे जांच आयोगों का गठन करें, जो इस बढ़ती जेहादी क्रूरता और हिंदुओं के प्रति फैलाई जा रही घृणा के साथ, जिहादीओं को सजा न मिल पाने के कारणों की भी गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की अनुशंसा कर सकें।

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