हैदराबाद। महिंद्रा यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ “रूट्स फेस्टिवल” सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की पारंपरिक संगीत और लोककला को पुनर्जीवित करने की एक सशक्त कोशिश है। महिंद्रा ग्रुप द्वारा समर्थित यह आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बन रहा है। फेस्टिवल की खास बात यह है कि इसे पूरी तरह छात्रों ने डिज़ाइन किया है, जिसमें फोक संगीत, शास्त्रीय प्रस्तुतियाँ और लोककथाओं के माध्यम से कला को नई पहचान दी जा रही है। यूनिवर्सिटी द्वारा कराए गए सर्वे में सामने आया कि 60% छात्र सांस्कृतिक विरासत को बचाने और नए रूप में प्रस्तुत करने के पक्ष में हैं। 20 अगस्त को आयोजित कर्टन रेज़र में देशभर के होमग्रोन कलाकारों ने मंच पर शानदार प्रस्तुतियाँ दीं, जो संस्कृति और युवा ऊर्जा का सुंदर संगम रहीं।
डॉ. यजुलु मेडुरी, कुलपति, ने कहा, “यह आयोजन सिर्फ अतीत का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य का निर्माण भी है।”

