रणवीर सिंह
नई दिल्ली। शूटिंग लीग ऑफ इंडिया (SLI) ने आज अपने उद्घाटन सत्र के लिए उत्तर प्रदेश स्थित फ्रेंचाइज़ी यूपी प्रोमेथियन्स के शामिल होने की घोषणा की। यह ऐतिहासिक पहला सत्र 16 से 26 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। यूपी प्रोमेथियन्स की एंट्री से लीग का दायरा और मजबूत हुआ है और भारत में शूटिंग खेल के लिए एक सशक्त, समावेशी इकोसिस्टम विकसित करने के SLI के विज़न को नई गति मिली है।
यूपी प्रोमेथियन्स फ्रेंचाइज़ी के मालिक श्री मुकेश शर्मा हैं, जो नोएडा स्थित अंतरराष्ट्रीय स्कूल प्रोमेथियस के संस्थापक चेयरपर्सन हैं। प्रोमेथियस के माध्यम से मुकेश शर्मा भारत में शिक्षा की परिभाषा को नए सिरे से गढ़ने के मिशन पर हैं, ताकि विश्वस्तरीय अवसर केवल संपन्न वर्ग तक सीमित न रहकर, हर सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली युवाओं तक पहुँच सकें।
लीग में यूपी प्रोमेथियन्स का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव ने कहा,
“हमें शूटिंग लीग ऑफ इंडिया परिवार में यूपी प्रोमेथियन्स का स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही है। उत्तर प्रदेश में खेलों की अपार संभावनाएँ हैं और शिक्षा व विकास की मजबूत सोच के साथ आई यह फ्रेंचाइज़ी लीग के लिए अत्यंत मूल्यवान है। श्री मुकेश शर्मा का इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा के माध्यम से अवसर सृजन का दृष्टिकोण SLI के विज़न से पूरी तरह मेल खाता है।”
गौरतलब है कि प्रोमेथियस स्कूल पहले से ही जमीनी स्तर पर शूटिंग खेल को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है। स्कूल में कक्षा 5 (9 वर्ष से ऊपर) से शूटिंग को एक संरचित खेल के रूप में पढ़ाया जाता है, जिसमें तकनीकी दक्षता, मानसिक मजबूती, सटीकता और हैंड–आई कोऑर्डिनेशन पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
स्कूल परिसर में ओलंपिक स्तर की इनडोर शूटिंग रेंज मौजूद है, जिसमें 10 मीटर रेंज के 10 मैनुअल टारगेट और एक SIUS इलेक्ट्रॉनिक टारगेट सिस्टम शामिल है। इसके अलावा, दो इलेक्ट्रॉनिक पिस्टल और एक राइफल भी उपलब्ध हैं। प्रशिक्षण और संचालन पूरी तरह ISSF नियमों के अनुरूप होता है। छात्रों को प्रमाणित कोच प्रशिक्षित करते हैं, जिन्हें खेलो इंडिया (SAI) के टैलेंट आइडेंटिफिकेशन विशेषज्ञों का सहयोग मिलता है। समय-समय पर अर्जुन पुरस्कार विजेताओं और ओलंपियनों द्वारा कार्यशालाएँ और सेमिनार भी आयोजित किए जाते हैं।
प्रोमेथियस स्कूल के खिलाड़ी वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, जिनमें सिया मारवाह, वैवस्वत विजय सिंह देव, सियाना मोंगा, सिधान गांधी, आयाना चिनारिया, आरिश गोयल और अयान खान शामिल हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि विश्वस्तरीय सुविधाओं तक पहुँच युवा निशानेबाजों को उच्च प्रदर्शन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।
फ्रेंचाइज़ी के लीग में शामिल होने पर यूपी प्रोमेथियन्स के मालिक मुकेश शर्मा ने कहा,
“शूटिंग भारत के सबसे मजबूत ओलंपिक खेलों में से एक है और उत्तर प्रदेश में इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाने की क्षमता है। यूपी प्रोमेथियन्स के माध्यम से हमारा उद्देश्य एक ऐसा पेशेवर और संरचित मंच तैयार करना है, जहाँ खिलाड़ियों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कोचिंग और प्रतिस्पर्धी अनुभव मिल सके। शूटिंग लीग ऑफ इंडिया इस इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है और उद्घाटन सत्र का हिस्सा बनकर मुझे गर्व हो रहा है।”
शिक्षा के क्षेत्र के अलावा, मुकेश शर्मा QA InfoTech Pvt Ltd (वर्तमान में Qualitest कंपनी) के संस्थापक और सीईओ भी रह चुके हैं। 2003 से 2021 तक उन्होंने गुणवत्ता इंजीनियरिंग पर केंद्रित इस वैश्विक सॉफ्टवेयर सेवा संगठन का नेतृत्व किया। एक प्रथम पीढ़ी के सीरियल उद्यमी के रूप में उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया है, जिनमें हाल ही में Global Ed-Fest 2025–ScooNews में ‘The Kanni Thahryamal Prize for Championing Education Against All Odds’ और INSPIRE 5.0–GSLC में ‘Visionary Leader of the Year’ पुरस्कार शामिल हैं।
NRAI के तत्वावधान में परिकल्पित शूटिंग लीग ऑफ इंडिया, भारत की पहली फ्रेंचाइज़ी-आधारित पेशेवर शूटिंग लीग है, जिसका उद्देश्य उच्चस्तरीय प्रतिस्पर्धा, दर्शक सहभागिता और दीर्घकालिक खिलाड़ी विकास को एक साथ जोड़ना है। यूपी प्रोमेथियन्स के जुड़ने के साथ ही लीग ने 2026 में होने वाले अपने ऐतिहासिक उद्घाटन सत्र से पहले और अधिक गति पकड़ ली है।

